क्षत्रियों का बड़ा नेता कौन? राजा भैया से तुलना पर भड़के बृजभूषण सिंह, बोले- ये बकवास बंद करो...

गोंडा में आयोजित राष्ट्रकथा के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी 'क्षत्रिय समाज का बड़ा नेता कौन' की बहस पर बृजभूषण शरण सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राजा भैया और राजनाथ सिंह से अपनी तुलना को समाज बांटने वाली साजिश करार देते हुए इसे तत्काल बंद करने की अपील की है.

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बृजभूषण सिंह और राजा भैया (Photo- X) बृजभूषण सिंह और राजा भैया (Photo- X)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ ,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST

UP Politics: कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में भव्य राष्ट्रकथा के समापन के बाद सोशल मीडिया पर खुद की तुलना राजा भैया और राजनाथ सिंह जैसे नेताओं से किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की तुलनाएं और टिप्पणियां समाज में विभाजन पैदा करने वाली हैं. 

बृजभूषण ने कुंडा विधायक राजा भैया को अपने छोटे भाई जैसा बताते हुए उनके पिता महाराज उदय सिंह को संघर्ष का प्रतीक और अपना आदर्श बताया. उन्होंने हाथ जोड़कर अपील की है कि राष्ट्रकथा जोड़ने के लिए थी, इसलिए सोशल मीडिया पर झगड़ा लगाने वाली बकवासबाजी बंद होनी चाहिए.

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राजा भैया मेरे छोटे भाई, तुलना करना गलत

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राजा भैया उम्र में उनसे छोटे हैं और उनके बच्चों के बीच भी दोस्ती है. उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स को फटकार लगाते हुए पूछा कि कौन बड़ा है और कौन छोटा, यह तय करने वाले आप कौन होते हैं?

पूर्व सांसद ने कहा कि अगर किसी को कद जानना है, तो राजा भैया के पिता से जाकर मिलें. उन्होंने साफ किया कि वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह हम सभी से बड़े हैं और समाज में इस तरह की श्रेष्ठता की जंग छेड़ना पूरी तरह अनुचित है.

'राष्ट्रकथा का उद्देश्य समाज को जोड़ना था, तोड़ना नहीं' 

पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने बताया कि एक पोस्ट देखकर उन्हें काफी दुख हुआ जिसमें क्षत्रियों के बड़े नेता को लेकर सवाल पूछा गया था. उन्होंने कहा कि पहले अभय सिंह और धनंजय सिंह के बीच भी ऐसी ही बहस कराई गई थी. 

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बृजभूषण के अनुसार, राष्ट्रकथा का उद्देश्य समाज को जोड़ना था, लेकिन कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि 'जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी', जिसे जैसा देखना है वो वैसा ही देखेगा.

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