LPG संकट पर वाराणसी में बड़ी राहत! अब नहीं रुकेगा मां अन्नपूर्णा का अन्नक्षेत्र, 24 घंटे PNG सप्लाई शुरू

वाराणसी के मां अन्नपूर्णा मंदिर के अन्नक्षेत्र में एलपीजी संकट से राहत मिल गई है. गेल इंडिया ने दोनों यूनिट में 24 घंटे पीएनजी गैस सप्लाई शुरू कर दी है. पहले रोज 15–25 सिलेंडर लगते थे, जिससे भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती थी. अब हजारों श्रद्धालुओं को बिना रुकावट नाश्ता और भोजन प्रसाद समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा.

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अन्नक्षेत्र में अब बिना रुकावट बनता रहेगा प्रसाद.(Photo: Screengrab) अन्नक्षेत्र में अब बिना रुकावट बनता रहेगा प्रसाद.(Photo: Screengrab)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 17 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:34 PM IST

वाराणसी में एलपीजी संकट के बीच श्रद्धालुओं के निशुल्क भोजन प्रसाद की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के बीच बड़ी राहत मिली है. गेल इंडिया लिमिटेड ने अब मां अन्नपूर्णा मंदिर के दोनों अन्नक्षेत्रों में 24 घंटे पीएनजी आपूर्ति शुरू कर दी है. इस पहल से रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए चलने वाली भोजन व्यवस्था अब बिना रुकावट जारी रह सकेगी.

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मान्यता है कि काशी में कोई भी भूखा नहीं सोता, क्योंकि यहां मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद है. लेकिन हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत का असर मंदिर के अन्नक्षेत्र पर भी दिखने लगा था. स्थिति ऐसी बन गई थी कि ईंधन संकट के कारण दोनों यूनिट बंद करने तक की नौबत आ गई थी. रोजाना हजारों लोग यहां नाश्ता और भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं, जिससे यह समस्या गंभीर बन गई थी.

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इसी चुनौती को देखते हुए मंदिर प्रशासन और संबंधित संस्थाओं ने समाधान तलाशा. इसके तहत पीएनजी पाइपलाइन की व्यवस्था की गई, जिससे अब ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी और भोजन सेवा नियमित रूप से चलती रहेगी.

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उद्घाटन और व्यवस्थाओं का विस्तार

रविवार को पीएनजी आपूर्ति कार्यक्रम का उद्घाटन महंत शंकर पुरी महाराज के सानिध्य में किया गया. इस कार्यक्रम में मंदिर से जुड़े लोग और गैस कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे. श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर और श्रीकाशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट द्वारा संचालित यूनिट 1 और यूनिट 2 में प्रतिदिन हजारों दर्शनार्थियों के लिए सुबह-शाम भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की जाती है.

बीते दिनों गैस ईंधन की कमी के कारण इस व्यवस्था में व्यवधान की आशंका बनी हुई थी. अब पीएनजी पाइपलाइन के शुरू होने से इस समस्या का स्थायी समाधान हो गया है. इससे भोजन तैयार करने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी और श्रद्धालुओं को प्रसाद बिना किसी देरी के मिल सकेगा.

महंत शंकर पुरी ने बताया कि पहले प्रतिदिन 15 से 25 एलपीजी सिलेंडर की जरूरत पड़ती थी. अब पीएनजी सेवा शुरू होने से सिलेंडर का इंतजार खत्म हो जाएगा और प्राकृतिक गैस से लगातार भोजन तैयार किया जा सकेगा.

चुनौती और भविष्य की राहत

गेल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एचके गर्ग ने बताया कि संकरी गलियों के कारण पाइपलाइन बिछाना बड़ी चुनौती थी. इसके बावजूद परियोजना पूरी कर अब 24 घंटे ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की गई है.

उन्होंने कहा कि इससे एलपीजी सिलेंडर की बचत होगी और घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति भी बेहतर हो सकेगी. मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं ने इस पहल को बड़ी राहत बताया है.

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इस व्यवस्था के शुरू होने से अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसाद की सेवा निर्बाध रूप से जारी रहेगी और हजारों श्रद्धालुओं को समय पर भोजन मिलता रहेगा.

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