अयोध्या में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब पूरी दुनिया युद्ध, भय और अस्थिरता से जूझ रही है, तब भारत में राम राज्य का अनुभव किया जा रहा है. उन्होंने यह बात उस समय कही जब द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में राम मंदिर में 150 किलो सोने से मढ़े श्री राम यंत्र की स्थापना की गई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध चल रहे हैं, जहां अव्यवस्था, आर्थिक संकट और आतंक का माहौल है. इसके विपरीत भारत में, खासकर अयोध्या धाम में, लोग बिना किसी डर के हजारों की संख्या में एकत्र होकर अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि श्री राम यंत्र की स्थापना के इस कार्यक्रम में शामिल होकर लोग सच्चे राम राज्य का अनुभव कर रहे हैं.
वैश्विक संकट के बीच भारत में शांति
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में संतों और किसानों को भी नमन किया. उन्होंने कहा कि भारत की एकता और श्रेष्ठता को बनाए रखने में अटूट आस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने भारतीय नववर्ष की शुरुआत पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि अब लोग नए साल पर परिवार के साथ ऐसे स्थानों पर जाना पसंद कर रहे हैं जो सनातन मूल्यों के अनुरूप हैं.
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर से जुड़े कई ऐतिहासिक कार्य पूरे हुए हैं. इनमें भूमि पूजन, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार की स्थापना और अब श्री राम यंत्र की स्थापना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ये सभी आयोजन देश की गहरी आस्था को दर्शाते हैं.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर खारिज किया जाता था, जबकि राजनीतिक कार्यों पर इस तरह का सवाल नहीं उठाया जाता था. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी सदियों पुरानी आस्था ने लंबा संघर्ष किया और अंत में विजय प्राप्त की. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर लगभग 156 करोड़ लोगों ने दर्शन किए. अयोध्या, काशी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई देशों की आबादी से भी ज्यादा रही.
संतों, किसानों और श्रद्धालुओं को दिया श्रेय
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण से जुड़े संतों, शिल्पकारों और श्रमिकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने उन लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जिन्होंने इस आंदोलन में अपने प्राण गंवाए, जिनमें अशोक सिंघल भी शामिल हैं. इस कार्यक्रम का संचालन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी भी उपस्थित रहीं.
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