ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध और गल्फ कंट्रीज की मौजूदा हालातों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने गल्फ कंट्री में रहने वाले नागरिकों और उनके परिजनों लोगों से जरूरी जानकारी देने की अपील की है और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. जिला प्रशासन ने अपील की है कि जिन भी लोगों के परिवार, रिश्तेदार या जान-पहचान वाले इन देशों में रह रहे हैं, काम कर रहे हैं, घूमने गए हैं, वहां फंस गए हैं या हाल ही में भारत लौटे हैं, उनकी जानकारी उन्हें जिला प्रशासन को तुरंत भेजनी है.
प्रशासन का कहना है कि इस जानकारी का मकसद है कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन उन लोगों से जल्दी संपर्क कर सके और उन्हें समय पर मदद मिल सके. जिला प्रशासन ने बताया है कि आप अपने परिचितों का विवरण तहसील/उपजिलाधिकारी कार्यालय या प्रशासन द्वारा बताए गए किसी भी माध्यम से भेज सकते हैं. जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है
जिला आपातकालीन कंट्रोल रूम, गौतमबुद्धनगर 0120-2978231, 0120-2978232
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), गौतमबुद्धनगर- 98709 44876
जिला आपदा विशेषज्ञ, गौतमबुद्धनगर- 81455 63077
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा और मदद के लिए उठाया गया है. नागरिक जानकारी इन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर दे सकते हैं.
इसके अलावा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी युद्ध प्रभावित देशों में रह रहे प्रदेश के लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा- विशेष रूप से झारखंड के जो लोग #GulfStates के देशों में रह रहे हैं, उन सभी से मैं अपील करता हूं कि किसी भी परेशानी में झारखंड राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष @migrantcell_JH के नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क करें - 1.हेल्पलाइन नंबर (टोल फ्री): 1800-3456-5262.हेल्पलाइन नंबर (लैंडलाइन): 0651-2480083, 0651-2481188, 0651-24800583.हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर: 9470132591, 9431336472, 9431336398, 9431336427, 9431336432 . झारखंड सरकार @JharkhandCMO @RCJharkhand आपकी हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और आपके साथ खड़ी है.
साथ ही ने उन्होंने कहा मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से अनुरोध करता हूं कि इस गंभीर परिस्थिति में जो भी भारतीय स्वयं को असुरक्षित या फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की कृपा करें.
भूपेन्द्र चौधरी