उत्तर प्रदेश के ऊर्जा विभाग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. सूबे के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और यूपीपीसीएल (UPPCL) के चेयरमैन आशीष गोयल के बीच का अंतर्विरोध अब सार्वजनिक हो गया है. ऊर्जा मंत्री ने विभाग के शीर्ष अधिकारी आशीष गोयल को एक पत्र लिखकर सरचार्ज के नाम पर गुपचुक तरीके से बिजली के बिल बढ़ाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है और उनसे इस मनमानी पर जवाब मांगा है.
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने चिट्ठी में बेहद तल्ख लहजे में पूछा है कि उनकी जानकारी के बिना सरचार्ज के नाम पर बिजली की दरें बढ़ाने का फरमान कैसे जारी कर दिया गया? उन्होंने सवाल किया, "क्या आपको इस बारे में मुझसे पूछना या सलाह लेना भी सही नहीं लगा?"
मंत्री ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि जनता पर बढ़े हुए बिजली बिल का बोझ डालने की जानकारी उन्हें किसी आधिकारिक फाइल या बैठक से नहीं, बल्कि टीवी चैनलों पर चल रही खबरों से मिली.
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काम के लोगों की छंटनी और गायब रहने का आरोप
इस पत्र में ऊर्जा मंत्री ने चेयरमैन आशीष गोयल की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने लिखा कि अधिकारी बिना बताए और बिना सूचना दिए अक्सर गायब रहते हैं. इसके अलावा, उन्होंने विभाग की आंतरिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि बिजली विभाग में जो लोग वाकई काम करने वाले हैं, उनकी जानबूझकर छंटनी की जा रही है. इस पत्र के सामने आने के बाद यूपी की नौकरशाही और राजनीतिक हल्कों में हड़कंप मच गया है.
आपको बता दें कि 30 मई को यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने फ्यूल सरचार्ज में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया था. हालांकि बाद में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली टैरिफ वसूली पर रोक लगा दी थी.
समर्थ श्रीवास्तव