वर्क फ्रॉम होम से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक, CM योगी के बड़े निर्देश, मंत्रियों के लिए बदली कार्यशैली

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने मंत्रियों से सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वाहन फ्लीट कम करने और विदेश यात्राओं से परहेज करने को कहा है. साथ ही ऊर्जा संरक्षण, डिजिटल कार्यशैली और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.

Advertisement
वाहन फ्लीट घटाने और ईंधन बचत पर मुख्यमंत्री का जोर. (Photo: PTI) वाहन फ्लीट घटाने और ईंधन बचत पर मुख्यमंत्री का जोर. (Photo: PTI)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:27 PM IST

लखनऊ में बुधवार को विस्तारित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन और प्रशासन की कार्यसंस्कृति को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. बैठक में उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे जनता के बीच उदाहरण पेश करें और ऐसी जीवनशैली अपनाएं जिससे ऊर्जा संरक्षण और मितव्ययिता को बढ़ावा मिले. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से आह्वान किया कि वो हफ्ते में कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि मंत्री मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग और साइकिल जैसी सुविधाओं को अपनाएं, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए. इसके साथ ही उन्होंने मंत्रियों की सरकारी वाहन फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने की अपील भी की.

Advertisement

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अगले छह महीने तक मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अनिवार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से बचें. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण सिर्फ आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है. उन्होंने प्रधानमंत्री के ईंधन खपत कम करने के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए.

वाहन फ्लीट 50 प्रतिशत घटाने की अपील 

मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यों में डिजिटल और हाइब्रिड व्यवस्था को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य प्रशासनिक गतिविधियां यथासंभव हाइब्रिड मोड में की जाएं. इसके साथ ही 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करने की बात कही गई.

एयरकंडीशनर के उपयोग को लेकर भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाए. उन्होंने प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग और ऊर्जा बचत पर जोर दिया. साथ ही सचिवालय और निदेशालय स्तर पर लिफ्ट और अन्य संसाधनों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार करने की बात कही.

Advertisement

ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा, पीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने की बात कही. उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए. इसके लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करने पर भी जोर दिया गया.

उन्होंने एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए और कहा कि कॉमर्शियल उपयोगकर्ताओं को भी पीएनजी से जोड़ा जाए. साथ ही सौर ऊर्जा के उपयोग को रिहायशी कॉलोनियों, विद्यालयों और महाविद्यालयों तक बढ़ाने की बात कही गई.

मुख्यमंत्री ने सामाजिक जीवन में मितव्ययिता को बढ़ावा देने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि शादी और अन्य आयोजनों में घरेलू स्थलों का उपयोग किया जाए और अनावश्यक खर्च से बचा जाए. उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘एक जिला एक उत्पाद’ को अपनाने पर जोर दिया.

वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन बैठकों पर जोर

बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने नए मंत्रियों का परिचय कराया और कहा कि जनता जनप्रतिनिधियों के कार्यों का रोज मूल्यांकन करती है. उन्होंने कहा कि मंत्रियों को कम समय में बेहतर प्रदर्शन करना होगा और वरिष्ठ मंत्रियों से मार्गदर्शन लेते रहना चाहिए.
 

---- समाप्त ----

TOPICS:
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement