यूपी के मेरठ में दलित युवती के अपहरण और उसकी मां की हत्या के बाद से माहौल तनावपूर्ण हैं. पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को जब शव सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया. परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया. हालात देख पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. परिजन मांग करने लगे कि पहले हत्यारोपी को गिरफ्तार किया जाए और लड़की को बरामद किया जाए. भीम आर्मी, समाजवादी पार्टी आदि ने भी मोर्चा खोला हुआ है. स्थानीय सपा विधायक अतुल प्रधान की पुलिस से नोकझोंक भी हुई.
आपको बता दें कि मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में गुरुवार सुबह आठ बजे पारस नामक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवती का अपहरण कर लिया और विरोध करने पर उसकी मां की धारदार हथियार से हत्या कर दी. यह वारदात तब हुई जब मां-बेटी खेत जा रही थीं. पुलिस ने मुख्य आरोपी पारस और अन्य के खिलाफ हत्या व अपहरण का मामला दर्ज कर पांच टीमें गठित की हैं. इस घटना के बाद ग्रामीणों ने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ की और शव को सड़क पर रखकर घंटों हंगामा किया. प्रशासन के आश्वासन के बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.
घटना के बाद कपसाड गांव छावनी में तब्दील हो गया है. सपा विधायक अतुल प्रधान को जब पुलिस ने पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोका, तो वे गांव के बाहर ही सड़क पर धरने पर बैठ गए. विधायक और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई. पुलिस का तर्क है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन उन्हें रोका गया है. वहीं, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर पोस्ट किया है, जिससे मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है.
विधायक अतुल प्रधान ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों पर रासुका (NSA) लगाने और लड़की की जल्द बरामदगी की मांग की है. एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. आरोपी और युवती पहले से परिचित बताए जा रहे हैं. फिलहाल, गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं.
उस्मान चौधरी