सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के आरोपी विनय राय उर्फ पमपम राय को सोमवार देर रात वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी विनय राय गाजीपुर जिले के जमानियां क्षेत्र के देवरिया गांव का रहने वाला है. सीबीआई और कोलकाता पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी. गिरफ्तारी के बाद 19 मई की देर शाम आरोपी को वाराणसी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सीबीआई को 21 मई की शाम 6 बजे तक का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया. इस हत्याकांड की साजिश में शामिल विनय राय सीबीआई द्वारा की गई पांचवीं गिरफ्तारी है. इससे पहले बलिया के दो युवक गिरफ्तार किये जा चुके हैं. एक नाम राज सिंह उर्फ चंदन जबकि दूसरे का राजकुमार सिंह है.
सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या से जुड़ा है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, विनय राय इस पूरी हत्याकांड की साजिश में गहराई से शामिल था. वह बिहार और झारखंड में ट्रक ट्रांसपोर्ट के कारोबार से भी जुड़ा रहा है. इस हाईप्रोफाइल मामले में नाम सामने आने के बाद से ही केंद्रीय जांच एजेंसी उसकी धरपकड़ के लिए गाजीपुर समेत कई ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी. फिलहाल गाजीपुर के देवरिया गांव में स्थित उसके घर पर ताला बंद है.
आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास और साथी फरार
पकड़े गए विनय राय उर्फ पमपम राय का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है. उसके खिलाफ गाजीपुर और दिल्ली में हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. इस मामले में गाजीपुर के ही मतसा गांव के रहने वाले संतोष राय का नाम भी सामने आया है. संतोष राय फिलहाल फरार चल रहा है और उसके बिहार में सरेंडर करने की चर्चाएं तेज हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सीबीआई अब विनय से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है.
बलिया के राज और राजकुमार की कहानी
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते यूपी के बलिया के राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया गया था. कोलकाता पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया. गिरफ्तार आरोपी राज सिंह बलिया के आनंद नगर का निवासी है और क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी रहा है. राज सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उस पर साल 2020 में एक अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप है और वह फिलहाल जमानत पर था. उसके सोशल मीडिया पर कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी मौजूद हैं. राज सिंह बलिया के एक नेता की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गया था, जहां से लौटते समय उसे अयोध्या में दबोच लिया गया.
ऐसे ही बीते दिनों सीबीआई टीम ने मुजफ्फरनगर से बलिया निवासी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया था. आरोपी को छपार क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा के पास पकड़ा गया. सीजेएम कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए उसे 24 घंटे की रिमांड पर लिया है.
CBI को राजकुमार सिंह की गतिविधियों की जानकारी पहले से ही मिल चुकी थी. जांच एजेंसी को इनपुट मिला था कि आरोपी हरिद्वार से वापस लौट रहा है. इसी सूचना के आधार पर टीम ने मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टोल प्लाजा पर घेराबंदी की. सोमवार सुबह जैसे ही राजकुमार की गाड़ी टोल के पास पहुंची, टीम ने उसे दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद उससे काफी देर तक पूछताछ की गई और अब रिमांड के दौरान हत्या की साजिश और 10 मई को अयोध्या से पकड़े गए बलिया के ही राज सिंह से उसके संबंधों को खंगाला जाएगा.
बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र के रत्तोपुर गांव का रहने वाला राजकुमार सिंह केवल स्नातक प्रथम वर्ष तक पढ़ा है. मन न लगने के कारण पढ़ाई छोड़ चुका था. वह मुंबई में क्रेन हेल्पर का काम करता था, लेकिन 8 महीने पहले घर लौट आया था. विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवा रहा था. करीब 3 साल पहले वर्ष 2022 में गांव के ही दलित समाज के लोगों से मारपीट के मामले में उस पर हरिजन एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था और वह जेल भी जा चुका था.
राजकुमार के पिता अयोध्या राम मंदिर निर्माण में एलएंडटी कंपनी में इलेक्ट्रिसियन का काम करते थे. वो मार्च से घर पर हैं. उन्होंने 'आजतक' को बताया कि सोमवार सुबह करीब 6:45 बजे मुजफ्फरनगर से CBI अधिकारियों का फोन आया, जिन्होंने राजकुमार को कस्टडी में लेने और वर्ष 2026 के एक मुकदमे में पूछताछ की बात कही. पिता का कहना है कि उनकी पश्चिम बंगाल में कोई रिश्तेदारी नहीं है और सीबीआई जांच से सच सामने आ जाएगा.
विनय कुमार सिंह