साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब जनप्रतिनिधि भी उनके निशाने पर आ रहे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में भाजपा के एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह को साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर जाल में फंसाने की कोशिश की. आरोपी ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताते हुए पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल किया और करीब डेढ़ घंटे तक एमएलसी को कॉल पर रोके रखा.
जानकारी के मुताबिक ठग ने एमएलसी को फोन कर खुद को किसी जांच एजेंसी से जुड़ा अधिकारी बताया. इसके बाद उसने वीडियो कॉल के जरिए बातचीत शुरू की. कॉल के दौरान आरोपी पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रहा था, जिससे शुरुआत में मामला गंभीर प्रतीत हुआ.
बताया जा रहा है कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने एमएलसी को किसी कथित मामले में जांच का हवाला देते हुए उनसे सहयोग करने को कहा. इसी बहाने उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर बनाए रखा गया.
करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बातचीत के दौरान ठग ने एमएलसी पर दबाव बनाने की भी कोशिश की. हालांकि बातचीत के दौरान एमएलसी को पूरे मामले पर शक होने लगा. उन्होंने सतर्कता बरतते हुए कोई भी आर्थिक लेनदेन से पहले ही कॉल काट दी. इसके बाद एमएलसी ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
नितिन श्रीवास्तव