4 सदस्यों को दिन में नहीं दिखता, 2 को शाम ढलते ही... Ballia में आंखों की अजीब बीमारी से जूझ रहा परिवार

बलिया जिले में एक परिवार ऐसा है जो आंखों की अजीबोगरीब बीमारी से पीड़ित हैं. आठ सदस्यों वाले इस परिवार में चार को दिन में नहीं दिखाई देता तो वहीं दो सदस्यों को शाम ढलते ही देखने में दिक्कत शुरू हो जाती है. परिवार बेहद गरीब है.

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बलिया: आंख की समस्या से पीड़ित परिवार बलिया: आंख की समस्या से पीड़ित परिवार

अनिल अकेला

  • बलिया ,
  • 08 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 5:44 PM IST

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का एक गांव चर्चा में है. इस गांव में एक परिवार ऐसा है जो आंख की अजीबोगरीब बीमारी से पीड़ित हैं. आठ सदस्यों वाले इस परिवार में चार को दिन में नहीं दिखाई देता तो वहीं दो सदस्यों को रात के उजाले में भी नहीं दिखाई देता. उनको शाम ढलते ही देखने में दिक्कत होने लगती है. पीड़ितों ने कई जगह इलाज भी करवाया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. एक ही परिवार के 6 लोग आंखों की अजीब बीमारी से जूझ रहे हैं. उनका कहना है कि शाम ढलते ही वो रोशनी में भी नहीं देख पाते हैं. 

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बता दें कि गांव का नाम टकरसन है, जो बलिया के हनुमानगंज ब्लॉक में पड़ता है. इस गांव में दलित राम प्रवेश अपने परिवार के साथ रहते हैं. घर में पत्नी के अलावा 6 बेटे हैं. कुल मिलाकर आठ लोगों का परिवार है. आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है. मेहनत-मजदूरी कर गुजर बसर करता है. इस गरीबी में परिवार के आधा दर्जन सदस्य आंख की अजीब बीमारी से परेशान हैं. 

परिजनों के मुताबिक, राम प्रवेश के बेटे हरि (35), रामू (27), भानू (22) और जयराम (20) को दिन में नहीं दिखता है. जबकि, रामू की पत्नी सुनीता देवी को रात के उजाले में भी नहीं दिखाई देता. राम प्रवेश के परिवार के एक और सदस्य को यही दिक्कत है. 

बताया जा रहा है कि पीड़ितों ने बलिया सहित नेपाल और बिहार (छपरा) में कई जगह दिखाया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. पैसे ज्यादा हैं नहीं इसलिए बड़े अस्पताल में प्राइवेट इलाज करा नहीं सकते. ऐसे में परिवार आंख की समस्या के साथ ही जीवन व्यतीत कर रहा है. वहीं, परिवार को कई सरकारी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पाया है. ना तो उनके पास राशन कार्ड है और ना ही सरकारी आवास और शौचायल. आयुष्मान कार्ड भी नहीं बना है. परिवार टीन शेड में रहने को मजबूर है. 

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जब इस बाबत हनुमानगंज के बीडीओ सूर्य प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हाल ही में ये बात मेरे संज्ञान में आई है. इसकी जांच करा कर पीड़ित परिवार को पात्रता के आधार पर हर सरकारी योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा. आंख वाली समस्या के निदान के लिए भी बात की जाएगी. 

उधर, इस मामले में नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि आंखों की ऐसी बीमारी को नाइक्टालोपिया या रतौंधी भी कहते हैं. जिन लोगों को दिन में नहीं दिखता है, उनको ग्लूकोमा या फिर ऑप्टिक नर्व में कुछ समस्या हो सकती है. जेनेटिक बीमारी या ऑटो इम्यून डिजीज के कारण भी ये दिक्कत हो सकती है. हालांकि, मरीज की जांच के बाद ही असल समस्या पता चल पाएगी. 

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