उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है. साइबर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया पर अश्लील और चाइल्ड पोर्नोग्राफिक वीडियो अपलोड और शेयर करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने यह कार्रवाई तकनीकी जांच और मिली शिकायतों के आधार पर की है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दुद्धी निवासी सैफ और ओबरा निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छोटे बच्चे और बच्चियों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो अपलोड और शेयर कर रहे थे.
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइटेड चिल्ड्रन यानी एनसीएमईसी पोर्टल और साइबर ट्रिपल लाइन प्रणाली के माध्यम से ऐसे वीडियो अपलोड किए जाने की सूचना मिली. यह जानकारी एनसीआरपी पोर्टल के जरिए पुलिस तक पहुंची. इसमें सोनभद्र जिले से दो शिकायतें दर्ज थीं. सूचना मिलते ही साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी. जांच के दौरान मोबाइल डिटेल, आईपी एड्रेस और सोशल मीडिया प्रोफाइल की गहन जांच की गई. इसी आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की गई.
चाइल्ड पोर्नोग्राफिक वीडियो शेयर करने का खुलासा
इसके बाद साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई. टीम ने दुद्धी और ओबरा पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को भी सुरक्षित किया है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वो सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज, फॉलोअर्स और आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इस तरह के वीडियो अपलोड और शेयर करते थे.
मोबाइल डिटेल और आईपी एड्रेस से आरोपियों की पहचान
पुलिस ने बताया कि यह एक गंभीर साइबर अपराध का मामला है जिसमें बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय शामिल है. इस कारण मामले को गंभीरता से लिया गया और तत्काल कार्रवाई की गई. दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं और यह कंटेंट कहां से प्राप्त किया जा रहा था. इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना, दुद्धी पुलिस और ओबरा पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.
विधु शेखर मिश्रा