गाजियाबाद के लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर 27 फरवरी की सुबह हुआ हमला एक सोची-समझी साजिश का परिणाम था. इस वारदात को अंजाम देने वाले सगे भाइयों- जीशान और गुलफाम को पुलिस ने अलग-अलग मुठभेड़ में मार गिराया है. जांच के दौरान जीशान के मोबाइल से कट्टरपंथी संगठन 'Muslim Army Mehdi Moderator' और एक पाकिस्तानी यूट्यूबर से संपर्क के सुराग मिले हैं.
पुलिस को आरोपियों के बैंक खातों में लोनी और खोड़ा इलाके से संदिग्ध फंडिंग होने के प्रमाण भी मिले हैं. यह हमला केवल आपसी विवाद नहीं, बल्कि युवाओं को उकसाने और भड़काने वाले रेडिकल नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत हो रहा है. फिलहाल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस इस पूरी साजिश के पीछे छिपे अन्य चेहरों और उनके विदेशी संपर्कों की गहनता से पड़ताल कर रही है.
सोशल मीडिया और भड़काऊ कंटेंट
क्राइम ब्रांच को जीशान के मोबाइल से कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं. उसने इंस्टाग्राम पर 'Inspire With Zeeshan' नाम से अकाउंट बना रखा था, जहां वह खुद को इस्लामिक स्पीकर के रूप में पेश करता था.
जांच में सामने आया है कि वह अपने वीडियो में बाबरी मस्जिद का जिक्र कर युवाओं को भड़काने की कोशिश करता था. इतना ही नहीं, पुलिस को ऐसे वीडियो भी मिले हैं जिसमें उसका भाई गुलफाम धार्मिक भाषणों के जरिए युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाता नजर आ रहा है.
साजिश के पीछे टेलीग्राम और विदेशी लिंक
पुलिस के अनुसार, जीशान टेलीग्राम चैनल के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा था. वह एक पाकिस्तानी यूट्यूबर के संपर्क में था और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाले संगठनों से जुड़ा था. जांच में यह भी पता चला है कि इन दोनों भाइयों को वित्तीय मदद मिल रही थी, जिसके तार लोनी और खोड़ा के कुछ बैंक खातों से जुड़े हैं. पुलिस अब उस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है जो इस जघन्य हमले के लिए फंडिंग कर रहा था.
आशीष श्रीवास्तव