इजरायल पर हमास के हमले और उसके बाद शुरू हुए युद्ध में हजारों लोगों की जान चली गई है. बीते दिनों फिलिस्तीन के एक अस्पताल पर हुए हमले में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई थी. इसको लेकर कई देशों ने इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसी बीच शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने यूपी के अलीगढ़ में युद्ध को लेकर एक बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि इजरायल शरणार्थी बनकर फिलिस्तीन में पहुंचा था. आज उसी की जमीन पर कब्जा करके उन्हीं के यहां बमबारी कर आतंक फैला रहा है. इजरायल गलत है. देश को आगे आकर उसका विरोध करना चाहिए. खाड़ी देश अमेरिका के गुलाम हैं. इसीलिए वो कुछ बात नहीं कर रहे हैं. अमेरिका को अपना व्यापार करना है, इसलिए वो युद्ध करवा रहा है.
'70 साल से लगातार फिलिस्तीनियों पर जुल्म कर रहा'
मौलाना ने कहा कि फिलिस्तीन पर इजरायल कोई नया जुल्म नहीं कर रहा है. पिछले 70 साल से वो लगातार फिलिस्तीनियों के साथ जुल्म कर रहा है. अभी तक एक लाख से अधिक फिलिस्तीनियों को मारा है. क्या इजरायल आतंकवादी नहीं है? फिलिस्तीनियों को आतंकवादी और पता नहीं क्या-क्या कहकर निशाना बनाया जा रहा है.
'जितने भी अरब मुल्क हैं, सब गुलाम बने हुए हैं'
उन्होंने आगे कहा कि यह सब कुछ मुसलमानों के साथ खेल खेला जा रहा है. जितने भी अरब मुल्क हैं, सब गुलाम बने हुए हैं. उनकी हैसियत एक गुलाम से ज्यादा नहीं है. उनकी वजह से फिलिस्तीनी मारे जा रहे हैं. अमेरिका की अर्थव्यवस्था तभी चलती है, जब उसका असलहा बिकता है.
'तब तो इजरायल का सफाया हो गया होता'
मौलाना ने कहा कि अस्पताल पर हुए हमले को कहा जा रहा है कि फिलिस्तीन का रॉकेट मिसफायर हो गया. अगर इतने बड़े रॉकेट फिलिस्तीन के पास होते तो उसने 5000 रॉकेट इजरायल पर दागे थे, ऐसे में तो इजरायल का सफाया हो गया होता. उनके पास छोटे-छोटे होममेड रॉकेट हैं, उससे अस्पताल कैसे उड़ सकता है?
'अंग्रेजों के लिए भगत सिंह और बोस आतंकवादी थे'
मौलाना ने आगे कहा कि हमास के लोग अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं. अंग्रेजों के लिए भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस भी आतंकवादी थे. अंग्रेजों की निगाहों में सब आतंकवादी थे. हमारे लिए फ्रीडम फाइटर. सबसे पहले यह जंग रुकनी चाहिए. अगर नहीं रुकी तो क्या मुर्दे खाना खाएंगे.
अकरम खान