लखनऊ में रविवार सुबह शिया समुदाय के हजारों नौजवान, महिलाएं और बच्चे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के विरोध में सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया. इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमले को समुदाय ने कायराना हरकत और जुल्म करार दिया है. इस दौरान 'तुम कितने खामेनेई मारोगे, हर घर से खामेनेई निकलेगा' जैसे नारे लगाए गए. कई लोग रोते-बिलखते भी नजर आए.
होली और रमजान के बीच बढ़ी इस संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने आरएएफ (RAF) और पीएसी की पांच कंपनियां तैनात की हैं. पुलिस ड्रोन कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
खामेनेई की मौत पर एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, "जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा है... अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हजार खामेनेई उठ खड़े होंगे... इजरायल और अमेरिका धोखेबाज हैं..."
वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर लखनऊ में शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने कहा- "कल इजरायल और अमेरिका ने जो हमला किया, उसे टेररिस्ट अटैक कहा जा रहा है. आज इसने पूरी खाड़ी को जंग में झोंक दिया है, और आप सब खाड़ी में हालात देख रहे हैं. दुनिया को समझना चाहिए कि अमेरिका और इजरायल कैसे पूरी दुनिया में खून-खराबा, नफरत और दहशतगर्दी फैला रहे हैं... खामेनेई किसी एक देश के लीडर नहीं थे, बल्कि हर दबे-कुचले इंसान, हर मुसलमान और हर इंसान के लीडर थे... कोई नहीं जानता कि यह चल रहा झगड़ा कहां ले जाएगा. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि ईरान जीतेगा."
सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब और मातम
पुराने लखनऊ के ऐतिहासिक छोटा इमामबाड़ा इलाके में रविवार सुबह से ही माहौल बेहद गमगीन नजर आया. प्रदर्शनकारी हाथों में अयातुल्लाह खामेनेई की तस्वीरें लेकर मातम मनाते हुए निकले, लोगों का कहना है कि खामेनेई सिर्फ ईरान के नेता नहीं, बल्कि पूरे इस्लाम के रहनुमा और न्याय की लड़ाई लड़ने वाले सबसे बड़े रहबर थे. उनकी मौत से नाराज शिया समुदाय ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस हमले को मानवता के खिलाफ बताया.
सुरक्षा के लिए ड्रोन और भारी फोर्स तैनात
होली और रमजान के त्योहारों के बीच अचानक उपजे इस तनाव ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है. डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक, स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में पीएसी और आरएएफ की पांच कंपनियां तैनात हैं. ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है. पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मौलाना कल्बे जवाद की बंद और शोकसभा की अपील
प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उम्मत-ए-मुस्लिमा और इंसानियत पसंद लोगों से अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है. उन्होंने घोषणा की है कि रात 8 बजे छोटा इमामबाड़ा में एक विशाल शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा. मौलाना ने देशभर के शियाओं से एक ही समय पर शोकसभाएं करने का आह्वान भी किया है. फिलहाल, लखनऊ में तीन दिन का शोक रहेगा.
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की चुनौती
थाना सहादतगंज क्षेत्र सहित पूरे पुराने लखनऊ में आक्रोश और शोक का माहौल है. शिया समुदाय इस घटना को अपने धर्म और न्याय की आवाज को दबाने की कोशिश के रूप में देख रहा है. पुलिस प्रशासन लगातार धर्मगुरुओं के संपर्क में है ताकि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे. रात को होने वाले कैंडल मार्च को देखते हुए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है.
गौरतलब है उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शिया समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे लगा रहे हैं. संभल, जौनपुर, अमेठी, बाराबंकी, अलीगढ़ सहित दर्जनों जिलों में समुदाय ने एकजुट होकर अपना आक्रोश प्रकट किया.
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