3 करोड़ की डिफेंडर और 5.5 करोड़ की पोर्श कार छोड़ सतुआ बाबा बुलडोजर पर घूमते दिखे, वीडियो वायरल

प्रयागराज के संगम में लगे माघ मेले के मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा और सुमेरुपीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने समर्थकों के साथ गंगा स्नान किया. सतुआ बाबा ने एकता का संदेश दिया, वहीं शंकराचार्य ने देश की सुख शांति और राष्ट्र हित की कामना की.

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सतुआ बाबा बुलडोजर पर घूमे (Photo: Screengrab) सतुआ बाबा बुलडोजर पर घूमे (Photo: Screengrab)

पंकज श्रीवास्तव

  • प्रयागराज ,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:08 PM IST

प्रयागराज के संगम क्षेत्र में लगे देश के सबसे बड़े सालाना माघ मेले में मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे और गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया. इसी क्रम में माघ मेले के सबसे चर्चित संतों में शामिल संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा ने भी संतों के साथ संगम में स्नान किया. इसके अलावा सतुआ बाबा बुलडोजर पर घूमते नजर आए. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

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सतुआ बाबा ने संगम में पहुंचकर श्रद्धालुओं का हालचाल जाना और उनकी कुशलता पूछी. स्नान के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से आत्मीय बातचीत की और एक बच्ची को टॉफी भी दी. सतुआ बाबा का यह सहज और सरल व्यवहार श्रद्धालुओं को काफी पसंद आया. उन्होंने मकर संक्रांति के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं और एकजुट रहने का संदेश दिया.

सतुआ बाबा ने संतों संग किया संगम स्नान

सतुआ बाबा ने कहा कि एक रहोगे तो नेक रहोगे. उन्होंने कहा कि समाज और देश की मजबूती के लिए एकता जरूरी है. उनके इस संदेश को संगम तट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने गंभीरता से सुना. माघ मेले में आए साधु संतों और श्रद्धालुओं के बीच सतुआ बाबा की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही.

संगम की रेती पर चल रहे माघ मेले में सुमेरुपीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती भी अपने समर्थकों के साथ गंगा स्नान के लिए पहुंचे. उन्होंने संगम में विधिवत स्नान कर देश की सुख शांति की कामना की. गंगा स्नान के बाद उन्होंने कहा कि मां गंगा में स्नान करने से अदृश्य शक्तियां प्राप्त होती हैं.

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शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने समर्थकों संग किया गंगा स्नान

शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि माघ मेले और मकर संक्रांति का विशेष धार्मिक महत्व है. इस अवसर पर गंगा स्नान करने से मन और आत्मा को शांति मिलती है. उन्होंने राष्ट्र हित के कल्याण की कामना करते हुए कहा कि देश में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे.

मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर संगम तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. श्रद्धालु ठंड के बावजूद आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे. संतों और महात्माओं की मौजूदगी ने मेले की धार्मिक गरिमा को और बढ़ा दिया. जगह जगह भजन, कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान होते नजर आए.

माघ मेले में संतों के स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया. सतुआ बाबा और शंकराचार्य के स्नान के दौरान उनके समर्थक और अनुयायी भी संगम तट पर मौजूद रहे. सभी ने गंगा स्नान के बाद देश और समाज के कल्याण की कामना की.

ठंड के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार

संगम क्षेत्र में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था की गई थी. स्नान पर्व को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे. माघ मेले के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए शांति और अनुशासन के साथ स्नान किया.

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