अखिलेश यादव की मां पर टिप्पणी से भड़की सपा, लखनऊ मेयर के घर चप्पलों से पीटी नेमप्लेट

लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव की दिवंगत मां पर की गई टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है. इस बयान से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने मेयर के आवास का घेराव किया और उनके गेट पर लगी नेमप्लेट को चप्पलों से पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया.

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सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ मेयर के खिलाफ मोर्चा खोला (Photo- Screengrab) सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ मेयर के खिलाफ मोर्चा खोला (Photo- Screengrab)

समर्थ श्रीवास्तव / आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया. मेयर ने महिला आरक्षण बिल से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव की मां पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद सपा समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मेयर के सरकारी आवास पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने उनके आवास के गेट पर लगी नेमप्लेट को चप्पलों से पीटा. इस घटना के बाद लखनऊ का सियासी पारा चढ़ गया है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर मेयर को सोशल मीडिया के जरिए कड़ा जवाब दिया है.

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क्या था मेयर का विवादित बयान?

मेयर सुषमा खर्कवाल ने एक कार्यक्रम में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया था. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अखिलेश यादव ने अपनी मां, बहन और बेटी का अपमान किया है. 

इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव की दिवंगत मां का जिक्र करते हुए उन पर सीधी टिप्पणी कर दी. मेयर के इस निजी हमले को समाजवादी पार्टी ने बेहद गंभीरता से लिया और इसे महिला अस्मिता के खिलाफ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया.

अखिलेश यादव ने X पर दिया जवाब

इस पूरे मामले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर अपना दर्द और नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने लिखा, "राजनीतिक मजबूरी में मेरी दिवंगत मां का नाम लेकर एक महिला होकर दूसरी महिला का अपमान करना उचित नहीं है." अखिलेश के इस बयान के बाद कार्यकर्ताओं में आक्रोश और बढ़ गया. सपा का कहना है कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन परिवार और दिवंगत लोगों को घसीटना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है.

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