उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर एक युवक से 1.02 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. शहर कोतवाली क्षेत्र के माधवनगर निवासी अमित कुमार को पहले फोन कॉल और फिर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अपने जाल में फंसाया गया. ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराकर निवेश कराया और शुरुआत में विश्वास दिलाने के लिए कुछ रकम वापस भी भेजी. बाद में धीरे-धीरे पीड़ित से करोड़ों रुपये ट्रांसफर करा लिए गए.
पीड़ित अमित कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को स्टॉक ट्रेडिंग से जुड़ा बताकर ऑनलाइन क्लास और शेयर खरीद-फरोख्त से भारी मुनाफा होने का दावा किया. इसके बाद एक जनवरी 2026 को उनका नंबर फिसडम संस्थागत स्टॉक ट्रेडिंग नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया. इसी दौरान उन्हें अमित वीआईपी एक्सक्लूसिव सर्विस टीम-15 नाम के दूसरे ग्रुप में भी शामिल किया गया, जहां शेयर बाजार से जुड़े निवेश के टिप्स और निजी नोटिफिकेशन दिए जाते थे.
12 जनवरी को ग्रुप एडमिन रक्षिता वेद ने निजी चैट में संपर्क कर एक नए ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश करने की सलाह दी. 21 जनवरी को भेजे गए लिंक के माध्यम से अमित ने फिस्डपरो नाम का ऐप डाउनलोड कर उसमें रजिस्ट्रेशन किया और ट्रेडिंग शुरू कर दी. शुरुआत में उन्होंने 24,100 रुपये ऐप से निकालकर अपने बैंक खाते में प्राप्त भी किए, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया. इसके बाद उन्होंने लगातार बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी और 21 जनवरी से 5 मार्च 2026 के बीच आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों में धनराशि भेजते रहे.
ठगों ने पीड़ित को आईपीओ में निवेश का झांसा देकर करीब 35 लाख रुपये से अधिक के शेयर अलॉट होने का दिखावा किया. बाद में रकम निकालने के नाम पर 3.12 करोड़ रुपये शॉर्ट टर्म टैक्स जमा करने की मांग की गई और 50 लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बनाया गया. शक होने पर जांच की गई तो पता चला कि ठगों ने एक कंपनी के नाम और लोगो का फर्जी इस्तेमाल कर नकली ऐप बनाया था. पीड़ित ने खुद के और अपने माता-पिता के खातों से कुल 1.02 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे. एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 8 मार्च 2026 को पीड़ित द्वारा आकर तहरीर दी गई जिस पर पुलिस ने पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साइबर क्राइम पुलिस द्वारा जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
राहुल कुमार