खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन, अमेरिका-इजराइल के खिलाफ लगे नारे... UP के सहारनपुर में हाई अलर्ट

सहारनपुर में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर पर शिया समुदाय ने शोक जताते विरोध प्रदर्शन किया. जुलूस शिया मस्जिद से चौकी सराय की ओर बढ़ा, जहां पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आधे रास्ते से वापस कर दिया. मगर, इस दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे लगाए. इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं.

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पुलिस ने बीच रास्ते रोका जुलूस.(Photo: Screengrab) पुलिस ने बीच रास्ते रोका जुलूस.(Photo: Screengrab)

राहुल कुमार

  • सहारनपुर,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

उथ्तर प्रदेश के सहारनपुर में शिया समुदाय ने अपने रहबर माने जाने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत (वफात) की खबर पर गहरा शोक जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया. जुलूस शिया मस्जिद से शुरू होकर चौकी सराय, कोतवाली नगर की ओर बढ़ा. प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की. हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और जुलूस को आधे रास्ते से ही वापस कर दिया.

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प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी हिस्सा लिया. कई महिलाएं रो-रोकर अपने गम का इजहार करती नजर आईं. पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई. प्रशासन की सतर्कता के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और माहौल शांतिपूर्ण बना रहा.

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प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा इंतजाम

पुलिस प्रशासन ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोकते हुए आधे रास्ते से ही वापस कर दिया. अधिकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है. एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई. जुलूस को शांतिपूर्वक लौटाने के बाद स्थिति सामान्य रही.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शोक व्यक्त करना था. मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन किया और किसी तरह की हिंसा या टकराव की स्थिति नहीं बनी.

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प्रबंधक दानिश अबदी का बयान

प्रबंधक दानिश अबदी ने बताया कि यह प्रोटेस्ट उनके रहबर और दुनिया के बड़े आलिम रहे अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के शोक में निकाला गया. उन्होंने कहा कि शिया समुदाय में गहरे गम का माहौल है और लोग इसे अपने घर का दुख मान रहे हैं.

दानिश अबदी के अनुसार, यह गम ऐसा है जैसे हर घर में मौत हो गई हो. हम अपने रहबर के लिए शोक मना रहे हैं. उनकी लड़ाई इंसानियत के लिए थी, न कि किसी एक समुदाय के लिए. हमारी तरफ से ईरान एक पावरफुल मुल्क है और हम ईरान से ऊपर किसी को नहीं मानते. यह प्रोटेस्ट छोटे इमामबाड़े से चौकी सराय तक शांतिपूर्वक रहा है. हमने ज्यादा नारेबाजी नहीं की, सिर्फ अपने गम का इजहार किया है.

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