यूपी के सहारनपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हड़कंप मच गया. सभी के सिर में गोली के निशान थे. आशंका जताई जा रही है कि परिवार के मुखिया अशोक ने पहले मां, पत्नी और दो बेटों को गोली मारी, फिर खुद भी जान दे दी. वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक-एक कर शवों को घर से बाहर निकाला. बीती शाम पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान हर एक आंख नम थी.
पूरा मामला सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र स्थित कौशिक विहार कॉलोनी का है. यहां मंगलवार सुबह एक दो मंजिला आलीशान मकान के एक कमरे में पांच लोगों के शव मिले. सूचना मिली तो पुलिस अधिकारी दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. कॉलोनी में अचानक पुलिस फोर्स और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी से हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जानकारी में सभी की मौत गोली लगने से बताई गई.
बंद कमरे और शांत पड़े मकान ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया. आसपास के लोग स्तब्ध थे और किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि अंदर ऐसा कुछ हुआ होगा. इस दर्दनाक घटना से कुछ घंटे पहले रात करीब 3 बजे परिवार के मुखिया अशोक राठी ने अपनी बहन को ऑडियो क्लिप भेजी थी. ऑडियो में उन्होंने कहा था कि उनसे बहुत बड़ी गलती हो गई है और वह अपनी पत्नी, मां और दोनों बेटों को मार चुके हैं. साथ ही उन्होंने खुद भी आत्महत्या करने की बात कही और यह इच्छा जताई कि सभी का अंतिम संस्कार गांव में ही किया जाए.
यह ऑडियो क्लिप सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये जांच का हिस्सा है. सुबह जब बहन ने वह रिकॉर्डिंग सुनी तो वह घबरा गईं और तुरंत पास में रहने वाले रिश्तेदारों को सूचना दी. रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और घर के अंदर झांकने की कोशिश की. सीढ़ी लगाकर घर के अंदर गए, फिर रसोई की जाली तोड़ी गई, तब अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए. इसके बाद पुलिस को खबर दी गई.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर को सील किया और मोबाइल समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत कब्जे में ले लिए. घर के भीतर अशोक राठी (40), उनकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के शव मिले. कमरे से तीन देशी तमंचे बरामद हुए और दरवाजा अंदर से बंद मिला. किसी तरह की तोड़फोड़ के निशान नहीं थे.
एसएसपी आशीष तिवारी ने भी बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. पोस्टमार्टम के बाद देर रात सभी शव गांव खारीबास पहुंचाए गए, जहां रात मे ही एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. एक साथ 5 चिता पर पांच अर्थियां जलती देख पूरा गांव सदमे में डूब गया. परिजनों के अनुसार, अशोक नकुड़ तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत थे और सामान्य स्वभाव के माने जाते थे हाल ही में उन्होंने नया मकान बनवाया था और बच्चों की पढ़ाई भी ठीक चल रही थी. अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सब कुछ सामान्य दिखने के बावजूद वह कौन-सी वजह थी, जिसने एक रात में पूरे परिवार को खत्म कर दिया.
राहुल कुमार