Uttar Pradesh News: सहारनपुर के थाना कोतवाली नगर पुलिस ने 14 वर्षीय अंशुमन हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी महिला पूजा को गिरफ्तार किया है. 1 मई को नुमाइश कैंप से लापता हुए किशोर की तलाश के लिए पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसमें पूजा बच्चे को स्कूटी पर ले जाती दिखी. पूछताछ में खुलासा हुआ कि पुरानी रंजिश और पैसों के लेन-देन के विवाद के कारण आरोपी ने अंशुमन को अंबाला-सरसावा रोड स्थित बड़ी नहर में धक्का दे दिया था. 17 गोताखोरों की टीम ने 17 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार को किशोर का शव नहर से बरामद किया. आरोपी महिला और मृतक की मां आपस में पुरानी सहेलियां हैं.
दोस्ती की आड़ में रची साजिश
मृतक के भाई अनुराग और परिजनों के मुताबिक, आरोपी पूजा पिछले 10 साल से परिवार की बेहद करीबी थी और मृतक की मां की सहेली थी. हालांकि, पिछले डेढ़ साल से दोनों पक्षों में एक दुकान के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. पूजा की बहन ने एक दुकान बेची थी जो मृतक के बड़े भाई के नाम थी, लेकिन उसकी पेमेंट पूजा ने की थी. इसी रकम की वापसी को लेकर झगड़ा और गाली-गलौज हुई थी, जिसका बदला लेने के लिए पूजा ने मासूम अंशुमन को निशाना बनाया.
सीसीटीवी से खुला राज
घटना वाले दिन अंशुमन अपनी रेंजर साइकिल चला रहा था, तभी पूजा उसे बहला-फुसलाकर अपनी एक्टिवा पर बैठाकर ले गई. सीसीटीवी फुटेज में वह पहले हसनपुर चुंगी और फिर सरसावा टोल पार करते हुए दिखी. पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने शुरू में देवबंद, सरसावा और शामली की कहानियां सुनाईं, लेकिन सर्विलांस और सख्ती के आगे वह टूट गई. उसने कबूल किया कि अपमान का बदला लेने के लिए उसने रात के वक्त बच्चे को नहर में फेंक दिया था.
गुस्से में परिजन, फांसी की मांग
अंशुमन का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है. भाई अनुराग का कहना है कि ऐसी महिला को समाज में रहने का हक नहीं है, उसे या तो फांसी दी जाए या पुलिस उसका एनकाउंटर करे. परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला गलत गतिविधियों में भी लिप्त थी. एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की गहराई से जांच जारी है.
राहुल कुमार