'सब ठाकुर हैं, सब उनके ही आदमी हैं...', बदायूं में ऑफिस के अंदर मारे गए AGM हर्षित मिश्रा की मां चीख-चीख कर बोलीं

'सब ठाकुर हैं… सब उनके ही आदमी हैं… मेरे बच्चे की बात किसी ने नहीं सुनी…' बदायूं में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एथेनॉल प्लांट में मारे गए एजीएम हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी बिलखते हुए एक ही बात दोहरा रहीं थीं. उनका आरोप है कि बेटे ने पहले ही डीएम, एसपी, विधायक से जान को खतरे की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. 

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बदायूं में मारे गए हर्षित मिश्रा ने की मां ने कई आरोप लगाए हैं (Photo: ITG) बदायूं में मारे गए हर्षित मिश्रा ने की मां ने कई आरोप लगाए हैं (Photo: ITG)

अंकुर चतुर्वेदी

  • बदायूं ,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST

'सब ठाकुर हैं… सब उनके ही आदमी हैं… मेरे बच्चे की बात किसी ने नहीं सुनी...' बदायूं में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर यह कहते-कहते एथेनॉल प्लांट में मारे गए सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थीं. बेटे के शव का इंतजार कर रही मां कभी रो पड़तीं, कभी गुस्से में सवाल पूछने लगतीं. उनका कहना है कि हर्षित ने कई बार पहले ही अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी. उसने अधिकारियों को बताया था कि एक व्यक्ति उसे लगातार धमका रहा है, गाड़ियों का पीछा करता है और खुलेआम कहता है कि वह उसे नहीं छोड़ेगा.

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रानी देवी का आरोप है कि बेटे ने जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारियों और विधायक तक से गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने इस खतरे को गंभीरता से नहीं लिया. वह रोते हुए बार-बार यही सवाल दोहरा रही थीं कि आखिर क्यों  मीटिंग में इतने लोग थे, फिर भी केवल मेरे बच्चे को ही क्यों मार दिया गया? किसी और को खरोंच तक नहीं आई.एथेनॉल प्लांट के जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता और सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) हर्षित मिश्रा और की हत्या गुरुवार दोपहर उस समय कर दी गई जब वे प्लांट परिसर में मौजूद थे. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई.

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मातम और सवाल

घटना के बाद जब दोनों अधिकारियों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए, तो अस्पताल परिसर के बाहर परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई. हर चेहरे पर सदमा था और हर किसी के मन में कई सवाल. सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी अपने बेटे के लिए बिलखते हुए न्याय की गुहार लगाने लगीं. उनका दर्द शब्दों में नहीं समा रहा था. रोते हुए उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने कई बार पहले ही अपनी जान को खतरा होने की बात बताई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम धमकियां देता था और अपने प्रभाव का हवाला देकर डराता था, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया. मां की आवाज बार-बार भर आती थी. वह कहती रहीं कि उनके बेटे ने डीएम, एसपी और स्थानीय विधायक तक से गुहार लगाई थी, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली. उनके आरोपों में एक और बात भी थी जिसने वहां मौजूद लोगों को चुप कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें शक है कि सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हुई है.

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पहले से पीछा करता था आरोपी

मृतक हर्षित मिश्रा के मामा प्रभात ने भी घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए. उनका कहना है कि आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू पहले से ही धमकियां देता था और कई बार गाड़ियों का पीछा भी करता था. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस को कई बार सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. प्रभात के मुताबिक सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर आरोपी के खिलाफ पहले से शिकायत दर्ज थी तो वह हथियार लेकर प्लांट परिसर के अंदर कैसे पहुंच गया. उनका कहना था कि यदि समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो शायद आज यह दुखद घटना नहीं होती.

पिता ने भी उठाए सुरक्षा पर सवाल

हर्षित मिश्रा के पिता सुशील कुमार का दर्द भी कम नहीं था. उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने कई बार पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी. उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी आवेदन दिया गया था और मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन आरोपी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने कई बार कहा था कि उसे खतरा है. उसने डीएम, एसपी और थाना मूसाझाग से सुरक्षा मांगी थी. मुकदमा भी दर्ज हुआ था, लेकिन आरोपी खुला घूमता रहा. आज वही आकर दो लोगों की हत्या कर गया. परिजनों का कहना है कि अगर प्रशासन ने शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो शायद यह घटना रोकी जा सकती थी.

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कैसे हुआ दोहरा हत्याकांड

घटना की पृष्ठभूमि भी कम चौंकाने वाली नहीं है. जिलाधिकारी अवनीश राय के मुताबिक आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू बदायूं के सहजनी गांव का रहने वाला है और पहले एथेनॉल प्लांट में वेंडर के रूप में काम करता था. कुछ समय पहले प्लांट प्रबंधन ने काम में लापरवाही के कारण कई कर्मचारियों की छंटनी की थी. इसी कार्रवाई में आरोपी को भी हटा दिया गया था. बताया जा रहा है कि इसके बाद से आरोपी प्लांट प्रबंधन से नाराज चल रहा था. खासतौर पर जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता को वह इसके लिए जिम्मेदार मानता था. इसी नाराजगी के चलते वह लगातार धमकियां दे रहा था. इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था.

दिनदहाड़े प्लांट में पहुंचा हमलावर

गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे आरोपी हथियार लेकर प्लांट परिसर में पहुंच गया. बताया जा रहा है कि वह सुरक्षा गेट पार कर सीधे प्रशासनिक भवन की ओर बढ़ गया. कुछ ही देर में वह जनरल मैनेजर के कार्यालय तक पहुंच गया. वहां पहुंचते ही उसने सुधीर कुमार गुप्ता पर गोली चला दी. फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए. इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा को भी आरोपी ने निशाना बना लिया. घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता को मृत घोषित कर दिया. कुछ ही देर बाद हर्षित मिश्रा ने भी दम तोड़ दिया.

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पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप

औद्योगिक परिसर के अंदर दो अधिकारियों की हत्या की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. जांच के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने भी त्वरित कार्रवाई की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सीओ की रिपोर्ट के आधार पर थाना मूसाझाग के प्रभारी इंस्पेक्टर अजय कुमार और क्षेत्र के हल्का प्रभारी धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच में जो भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सांसद ने जताई नाराजगी

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने इस वारदात की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए कहा कि औद्योगिक परिसर के अंदर दिनदहाड़े इस तरह की घटना होना बेहद दुखद और चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. सांसद ने सरकार और पुलिस प्रशासन से दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की मांग की.

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी हथियार लेकर प्लांट परिसर के अंदर कैसे पहुंच गया. औद्योगिक संस्थानों में आमतौर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होते हैं, ऐसे में हथियार के साथ किसी का अंदर पहुंच जाना बड़ी चूक माना जा रहा है. दूसरा सवाल यह है कि जब आरोपी के खिलाफ पहले से शिकायत दर्ज थी और धमकियों की जानकारी प्रशासन को थी, तो उस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई. तीसरा सवाल यह भी उठ रहा है कि मीटिंग में कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन हमलावर ने केवल दो लोगों को ही क्यों निशाना बनाया. इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे.

जांच जारी, परिजनों को न्याय का इंतजार

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. उधर पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है. उनका कहना है कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और किसकी जिम्मेदारी बनती है.

 

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