राजधानी एक्सप्रेस में वेज खाना मांगने वाली महिला को परोस दिया चिकन, तबीयत बिगड़ी

राजधानी एक्सप्रेस में कैटरिंग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. दिल्ली से मुंबई जा रही एक महिला यात्री को शाकाहारी भोजन की जगह चिकन परोस दिया गया. एक बाइट खाने के बाद जब उन्हें इसका पता चला तो उनकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं. पीड़ित परिवार ने रेलवे से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.

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वेज की जगह परोस दिया चिकन (Photo: Screengrab) वेज की जगह परोस दिया चिकन (Photo: Screengrab)

अजय झा

  • झांसी,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:43 PM IST

देश की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल राजधानी एक्सप्रेस में कैटरिंग व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. दिल्ली से मुंबई जा रही एक महिला यात्री को शाकाहारी भोजन के बजाय चिकन परोस दिया गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई. घटना के बाद पीड़ित परिवार ने रेलवे से शिकायत करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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जानकारी के मुताबिक मुंबई की रहने वाली 56 साल की राजेश्वरी देवी दिल्ली से राजधानी एक्सप्रेस के जरिए अपने घर लौट रही थीं. उनके बेटे शिवम ने टिकट बुक करते समय ही भोजन के लिए शाकाहारी विकल्प चुना था, क्योंकि उनकी मां पूरी तरह से शाकाहारी हैं. वह दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुईं और उन्हें थर्ड एसी के बी-1 कोच में 17 नंबर की बर्थ मिली थी.

रात के समय कैटरिंग स्टाफ ने यात्रियों को डिनर परोसा. राजेश्वरी देवी ने सामान्य रूप से खाना शुरू किया और कुछ कौर खा लिए. इसी दौरान उन्हें खाने के स्वाद को लेकर शक हुआ. जब उन्होंने पास बैठे यात्रियों को खाना दिखाया तो पता चला कि उन्हें सब्जी की जगह चिकन परोस दिया गया है.

यह जानकारी मिलते ही वह घबरा गईं और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. उन्हें उल्टियां आने लगीं और बेचैनी महसूस होने लगी. इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने बेटे शिवम को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी. बेटे ने रेलवे हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए ट्रेन में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.

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जब ट्रेन झांसी पहुंची तो रेलवे के कुछ कर्मचारी कोच में आए, लेकिन परिवार का आरोप है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. पीड़ित पक्ष के मुताबिक कर्मचारियों ने इसे साधारण घटना बताते हुए केवल नींबू पानी पीने की सलाह दी और बिना उचित चिकित्सा सहायता के चले गए.

परिवार का कहना है कि पूरी रात महिला की तबीयत खराब रही और उन्हें कई बार उल्टियां हुईं. इसके बावजूद ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने कोई ठोस मदद नहीं की. मुंबई पहुंचने के बाद भी राजेश्वरी देवी असहज महसूस कर रही थीं. धार्मिक आस्था के चलते उन्होंने घर पहुंचकर उपवास रखा और शुद्धिकरण के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया.

इस घटना को लेकर परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के बाद IRCTC ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार कैटरिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
 

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