ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे से सभी को हिलाकर रख दिया. इसमें अब तक 275 लोगों की जान जा चुकी है. इस हादसे के पीछे की वजह तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन फिलहाल रेलवे के एक अधिकारी का पत्र सामने आया है. इस चिट्ठी में रेल अधिकारी ने हादसे से करीब 3 महीने पहले ही बड़ी दुर्घटना का अंदेशा जताया गया है. अधिकारी ने बताया है कि कैसे सिग्नल सिस्टम की एक खामी के कारण बड़े हादसे हो सकते हैं.
जिस अधिकारी हरिशंकर वर्मा ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है, वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तैनात हैं. वह तीन साल तक दक्षिण पश्चिम रेलवे में तैनात रहे हैं. वह तब प्रिंसिपल चीफ ऑपरेशन मैनेजर थ. उनकी तैनाती के दौरान दक्षिण पश्चिम रेलवे में ट्रेन को गलत लाइन पर जाने के मामले सामने आए थे.
दोषियों पर की जाए सख्त कार्रवाई
रेलवे अधिकारी हरिशंकर ने जिस खामी की बात की. वह इंटरलॉकिंग के लिए बनाए गए सिस्टम को बाईपास करके लोकेशन बॉक्स में हुई छेड़खानी से जुड़ा हुआ था. पत्र में उन्होंने रेलवे बोर्ड को इस पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है. तात्कालीन घटना का जिक्र करते हुए पत्र में लिखा गया है कि जो भी घटना हुई उसे सीरियसली तौर पर देखा जाए. जो भी इसके लिए दोषी है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए. हालांकि, पत्र के बाद भी कोई भी कारवाई नहीं की गई.
ट्रेन चलने के बाद बदल जाता है रूट
उन्होंने अपने पत्र में कहा था कि सिस्टम में गंभीर खामियां हैं. यहां ट्रेन चलने के बाद डिस्पैच का रूट बदल जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि सिग्नल से संबंधित बेहद जरूरी काम छोटे कर्मचारियों के पास है, जिससे गड़बड़ी होने की संभावना भी ज्यादा रहती है.
कैसे हुआ हादसा?
रेलवे की तरफ से बताया गया कि ट्रेन नंबर 12481 कोरोमंडल एक्सप्रेस बहानगा बाजार स्टेशन के (शालीमार-मद्रास) मेन लाइन से गुजर रही थी, उसी वक्त डिरेल होकर वो अप लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई. ट्रेन पूरी रफ्तार (फुल स्पीड) में थी, इसका परिणाम यह हुआ कि 21 कोच पटरी से उतर गए और 3 कोच डाउन लाइन पर चले गए.
दरअसल, बहानगा बाजार स्टेशन पर इन ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है. ऐसे में दोनों ही ट्रेनों की रफ्तार तेज थी. बहानगा बाजार स्टेशन से गुजर रही कोरोमंडल एक्सप्रेस अचानक पटरी से उतरी तो ट्रेन के कुछ डिब्बे मालगाड़ी से जा भिड़े. इसी दौरान हादसे के समय डाउन लाइन से गुजर रही यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के पीछे के दो डिब्बे भी पटरी से उतरी कोरोमंडल एक्सप्रेस की चपेट में आ गए. हादसा भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन से करीब 171 किलोमीटर और खड़गपुर रेलवे स्टेशन से करीब 166 किलोमीटर दूर स्थित बालासोर जिले के बहानगा बाजार स्टेशन पर हुआ.
आशीष श्रीवास्तव