उत्तर प्रदेश के रायबरेली में घर के बाहर खेल रहे मासूम बच्चे संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गए. काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि 7 साल का निखिल और 6 वर्षीय नित्या साइकिल लेकर निकले थे. मासूम भाई-बहन की गुमशुदगी की खबर मिलते ही महकमा अलर्ट हो गया. फ़ौरन आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. इस बीच एक फुटेज में दोनों बच्चे बछरावां मार्ग की ओर जाते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस ने उस मार्ग पर पड़ने वाले हर थाने-चौकी को मैसेज भेजा. इधर पुलिस की तलाश तेज हो रही थी, उधर अनहोनी की आशंका के चलते परिवार की दिल की धड़कनें बढ़ती जा रही थीं. आइये जानते हैं फिर क्या हुआ...
छोटी साइकिल लेकर 30 किलोमीटर दूर पहुंच गए
आपको बता दें कि जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र के मलिकमऊ निवासी राम सुमिरन के दो बच्चे- निखिल और नित्या, रविवार सुबह करीब 9:00 बजे घर के बाहर खेलते समय लापता हो गए. मां के ढूंढने पर जब बच्चे नहीं मिले, तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू की गई. इस दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में बच्चे साइकिल से बछरावां मार्ग की ओर जाते दिखे. आखिर में करीब 30 किलोमीटर दूर बछरावां में एक स्थानीय व्यक्ति ने बच्चों को संदिग्ध स्थिति में देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी. इस तरह बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया.
हैवी ट्रैफिक रूट पर खतरनाक सफर
बताया जा रहा ही कि 7 साल का भाई और 6 साल की बहन अपनी छोटी सी साइकिल पर सवार होकर घर से निकले थे. वे लखनऊ-रायबरेली जैसे व्यस्त मार्ग पर पहुंच गए, जहां भारी वाहनों और ट्रकों का लगातार आना-जाना लगा रहता है. प्रयागराज मेले के कारण रविवार को सड़क पर वाहनों का दबाव और भी अधिक था. इतनी कम उम्र के बच्चों का साइकिल चलाते हुए 30 किलोमीटर दूर बछरावां कस्बे तक पहुंच जाना हर किसी के लिए चर्चा और हैरानी का विषय बना हुआ है.
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
बच्चों के अचानक गायब होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो सीसीटीवी कैमरों में दोनों बच्चे गोल चौराहे के पास साइकिल चलाते हुए दिखाई दिए. मिल एरिया थानाध्यक्ष ने तुरंत बच्चों की तस्वीरें आसपास के सभी थानों में भेज दीं और पूरे रूट पर अलर्ट जारी कर दिया. पुलिस और परिजन घंटों तक बच्चों की तलाश में खाक छानते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल रहा था.
फरिश्ता बनकर आया राहगीर
बछरावां मार्ग पर पहरुवां विशनपुर के रहने वाले भगवती प्रसाद रावत ने इन नन्हें भाई-बहन को साइकिल से जाते देखा. बच्चों को अकेला और असहज देख उन्हें शक हुआ, तो उन्होंने रोककर पूछताछ की. बच्चे अपना सही पता बताने में असमर्थ थे, जिसके बाद भगवती प्रसाद उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर बछरावां थाने ले गए.
परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू
जैसे ही बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर आई, बदहवास परिजनों की जान में जान आई. बछरावां पुलिस की सूचना पर मिल एरिया पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों की पहचान की. इसके बाद निखिल और नित्या को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया. पुलिस और आम जनता के सहयोग से यह सफल बरामदगी मुमकिन हो पाई.
आशीष मिश्रा