अयोध्या जिला जेल से दो कैदियों के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया. फरार कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरी निवासी अमेठी और शेर अली निवासी सुल्तानपुर के रूप में हुई है. इनमें से एक कैदी हत्या के प्रयास के मामले में, जबकि दूसरा बलात्कार के गंभीर आरोप में निरुद्ध था. घटना बीते मंगलवार की है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों कैदियों ने तन्हाई बैरक की दीवार तोड़कर जेल की बाउंड्री वॉल कूदते हुए फरारी को अंजाम दिया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन अलर्ट हो गया. फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजी जेल पीसी मीणा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके तहत वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूसी मिश्रा, जेलर जे.के. यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी सहित एक हेड जेल वार्डर और तीन जेल वार्डरों को निलंबित कर दिया गया है.
घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन ने जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं फरार कैदियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए सघन अभियान जारी है.
गौरतलब है इससे पहले बदायूं जेल से दो कैदी भाग गए थे. दोनों कंबल को रस्सी बनाकर दीवार फांदकर फरार हुए थे. हालांकि, बाद में एनकाउंटर के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया था. फिलहाल, इस घटना के बाद अब अयोध्या से सामने आए ताजा मामले ने सिक्योरिटी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मयंक शुक्ला