प्रयागराज में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है. सूरज की तपिश लोगों को झुलसा रही है और गर्म हवाएं परेशान कर रही हैं. पारा 45 डिग्री के पार पहुंच गया है. भीषण गर्मी के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह से ही तेज धूप निकल रही है, जिसके कारण लोग अपने आप को पूरी तरह ढककर चल रहे हैं और ठंडे पेय पदार्थ पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. डॉक्टर भी इस भीषण गर्मी से बचने की सलाह दे रहे हैं.
संगम नगरी प्रयागराज इन दिनों गर्म भट्टी बन चुका है. सुबह से ही सूरज की गर्मी लोगों को जला रही है और तेज गर्म हवाएं थपेड़े मार रही हैं. सड़कों पर निकल रहे लोग बेहद परेशान हैं. ऊपर से आग बरस रही है तो नीचे जमीन जल रही है.
भीषण गर्मी के चलते सड़कें सुनसान हो गई हैं. जो लोग निकल रहे हैं, वे अपने आप को पूरी तरह ढंककर ही बाहर निकल रहे हैं.
इस भीषण गर्मी में लोगों को जगह-जगह रुककर पानी पीना पड़ रहा है. शीतल पेय पदार्थ पीकर वे खुद को राहत देने की कोशिश कर रहे हैं. सुबह से ही इतनी तेज धूप निकल रही है कि पूरा शहर गर्म भट्टी सा लग रहा है. तेज धूप के कारण लोगों के हाथ-पैरों में जलन होने लगती है और मुंह सूखने लगता है.
प्रयागराज अप्रैल के महीने में ही जलने लगा है.लोगों का कहना है कि अब सुबह नहीं होती, सीधे दोपहर हो जाती है. अप्रैल महीने में ही यह धूप और भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. अभी तो मई और जून का महीना बाकी है.
शहरी महिला रंजना सिंह ने बताया, “धूप इतनी तेज है कि हाथ-पैरों में जलन होने लगती है. अप्रैल में यह हाल है तो मई-जून की कल्पना से ही डर लग रहा है.”
एक अन्य महिला मोमी देवी का कहना है कि लोग राहत पाने के लिए जगह-जगह रुककर शीतल पेय और ठंडे पानी का सहारा ले रहे हैं.
डॉक्टर भी इस भीषण गर्मी से बचने की सलाह दे रहे हैं. डॉक्टर राजीव सिंह ने कहा-
पंकज श्रीवास्तव