POCSO में फंसाने की धमकी, करोड़ों की ठगी... जब प्रतीक यादव ने पुलिस को दी थी शिकायत

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. परिवार और करीबी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, वहीं करोड़ों की ठगी, रंगदारी और फेक ऑडियो वायरल कर पाक्सो केस में फंसाने की धमकियों से जुड़ा मामला भी सामने आया है, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है.

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जब प्रतीक ने पुलिस को दी थी ठगी की शिकायत (Photo: file photo) जब प्रतीक ने पुलिस को दी थी ठगी की शिकायत (Photo: file photo)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. लेकिन उनके करीबियों के अलग-अलग बयान कुछ और ही कह रहे हैं. हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही उनकी मौत के सही कारण का पता चल सकेगा.

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प्रतीक से करोड़ों की ठगी और रंगदारी

इसी बीच एक और बात सामने आई है कि हाल में प्रतीक को करोड़ों रुपये की ठगी और रंगदारी जैसे मामले भी फेस करने पड़े थे जिसके बाद से वे मानसिक रूप से काफी परेशान थे .

 जानकारी के अनुसार, चिनहट निवासी कृष्णानंद पांडेय ने रियल एस्टेट निवेश के नाम पर प्रतीक यादव से करोड़ों रुपये निवेश करवाए थे. प्रतीक यादव को कंपनी का प्रमोटर बनाया गया, जबकि जमीन खरीद-बिक्री और एग्रीमेंट की पूरी जिम्मेदारी कृष्णानंद ने अपने पास ही रखी. कई जमीनें बेचने के बाद भी रकम का हिसाब नहीं दिया गया.

फेक ऑडियो वायरल कर पाक्सो में फंसाने की धमकी

ऐसे में जुलाई 2025 में दर्ज कराए मामले में प्रतीक यादव ने आरोप लगाया था कि रुपये वापस मांगने पर उन्हें पाक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई थी. साथ ही प्रतीक की फेक ऑडियो वायरल कर परिवार की छवि खराब करने की बात कहकर डराया गया था.

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शिकायत में कहा गया था कि कृष्णानंद पांडेय, उसकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय ने मिलकर प्रतीक से चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. मामले में गौतमपल्ली थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस जांच में जुटी है. 

किचन में गिरे और उठे ही नहीं प्रतीक

प्रतीक के निधन के बाद अपर्णा यादव और उनके बेहद करीबी कारोबारी मुकेश बहादुर सिंह ने उस सुबह की घटना को लेकर अहम जानकारी साझा की है. मुकेश बहादुर सिंह सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद हैं. उनके साथ अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट भी लगातार परिवार के संपर्क में बने हुए हैं.

उन्होंने बताया कि प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और वह घर के किचन में ही बेहोश होकर गिर पड़े. इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया. मुकेश बहादुर सिंह के अनुसार, पूरा घटनाक्रम बेहद अचानक हुआ. प्रतीक अचानक किचन में गिर गए थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर

वहीं, अस्पताल प्रशासन और परिवार दोनों की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी. फिलहाल हार्ट अटैक या किसी अन्य मेडिकल कारण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.  

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