300 तोते, चार पिंजरे और दो तस्कर… यूपी में इंटर-स्टेट वाइल्डलाइफ रैकेट का भंडाफोड़

उत्तर प्रदेश के बरेली में वन विभाग और यूपी एसटीएफ की कार्रवाई में दो वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार किए गए. उनके कब्जे से चार बड़े पिंजरों में भरे कुल 300 तोते बरामद किए गए हैं, जिन्हें दिल्ली ले जाकर बेचने की तैयारी थी.

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दो तस्करों के पास मिले 300 तोते. (Photo: Representational) दो तस्करों के पास मिले 300 तोते. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • बरेली,
  • 28 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST

उत्तर प्रदेश के बरेली में वन विभाग और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्कर पकड़े गए हैं. उनके कब्जे से 300 से अधिक तोते बरामद किए गए. ये पक्षी चार बड़े-बड़े पिंजरों में ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे. तस्करों ने पक्षियों को अमानवीय तरीके से कैद कर रखा था.

एजेंसी के अनुसार, डीएफओ (बरेली) दिशा भंडारी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि वन्यजीव तस्करों का गैंग बरेली होते हुए दिल्ली की ओर जाने वाला है. सूचना पुख्ता थी, तुरंत वन विभाग और यूपी एसटीएफ की टीमें अलर्ट पर रखी गईं. कुछ ही देर में एक संदिग्ध वाहन को घेरकर रोका गया और तलाशी में 300 तोते बरामद हुए.

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इस दौरान दो आरोपियों को पकड़ लिया गया. उनकी पहचान अर्सलान खान और शकीब के रूप में हुई है. पूछताछ में दोनों ने माना कि वे कई जिलों से तोतों को पकड़ते थे और उन्हें बरेली में इकट्ठा करके दिल्ली ले जाते थे, जहां इनकी बड़ी मात्रा में बिक्री होती है. यह बात भी सामने आई कि यह कोई छोटा-मोटा अवैध व्यापार नहीं था, बल्कि इनके पीछे एक पूरा नेटवर्क हो सकता है.

यह भी पढ़ें: Bihar: 20 किलोग्राम का मिला दुर्लभ कछुआ... वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू

इन पक्षियों को पकड़ना वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन है. तोतों को पकड़ना, रखना या बेचना भारत में प्रतिबंधित है. इनकी बिक्री कानूनन अपराध है. वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है. यह पता लगाया जा रहा है कि तस्कर किस चैनल के जरिए दिल्ली में बिक्री करते थे, कौन लोग इनके संपर्क में थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है.

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गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. वहीं, बरामद किए गए तोतों को वन विभाग की देखरेख में सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उनके उपचार और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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