उत्तर प्रदेश के सिराथू से अपना दल (कामेरावादी) की विधायक डॉ. पल्लवी पटेल के खिलाफ लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने और प्रदर्शन करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. आरपीएफ ने विधायक और उनके करीब 350 अज्ञात समर्थकों पर रेलवे एक्ट के तहत यह कार्रवाई की है.
दरअसल, शुक्रवार को डॉ. पल्लवी पटेल के नेतृत्व में अपना दल (कमेरावादी) के कार्यकर्ता 'यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026' को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर चारबाग रेलवे स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में प्रदर्शन कर रहे थे. दोपहर करीब 1:16 बजे प्रदर्शनकारियों का जत्था अचानक दौड़ते हुए एस्केलेटर के पास वाले गेट से प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर अनाधिकृत रूप से दाखिल हो गया.
रेलवे ट्रैक और इंजन पर प्रदर्शन
विधायक पल्लवी पटेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 के बीच खड़ी निरीक्षण यान (परख डीपीसी) पर चढ़ गईं और नारेबाजी करने लगीं. इस दौरान स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
भारी सुरक्षा बल ने हटाया
स्टेशन पर तैनात आरपीएफ निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, जीआरपी और सिविल पुलिस बल ने विधायक और उनके समर्थकों को काफी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 1:25 बजे स्टेशन परिसर से बाहर किया. पुलिस के अनुसार, उस समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर गिरफ्तारी करना संभव नहीं था, लेकिन सबूतों के आधार पर अब कानूनी शिकंजा कसा गया है.
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
आरपीएफ ने विधायक पल्लवी पटेल और उनके समर्थकों के कृत्य को 'असंवैधानिक' करार देते हुए रेलवे एक्ट की धाराओं 147 (रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश), धारा 145 (सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव) और धारा 156 (ट्रेन की छत, इंजन या पायदान पर चढ़कर यात्रा या प्रदर्शन करना) के तहत केस दर्ज किया है.
राजनीतिक गलियारों में हलचल
पल्लवी पटेल का यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ एक बड़े विरोध के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल पर इस तरह के प्रदर्शन ने सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
संतोष शर्मा