ग्रेटर नोएडा की एक सोसाइटी की रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन यानी आरडब्ल्यूए का नोटिस इन दिनों सुर्खियों में है. सोसायटी के आरडब्ल्यूए ने 10 जून को बकायदा नोटिस जारी करके निवासियों से अपील की थी कि वो सोसाइटी में लुंगी या नाइटी पहन कर न घूमें. इससे कुछ रेजिडेंट को आपत्ति है. सोसाइटी का ये नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद लोगों ने आरडब्ल्यूए को निशाने पर ले लिया.
मामले को तूल पकड़ने के बाद आरडब्ल्यूए ने मंगलवार को दूसरा सर्कुलर निकाला है. इसमें उन्होंने अपने 10 जून के नोटिस को लेकर सफाई दी है. इस बार के सर्कुलर में कहा गया है कि पहले वाला नोटिस सोसायटी में रहने वाले कुछ निवासियों की शिकायत पर जारी किया गया था. हमारा मकसद किसी को बाध्य करना या किसी पर कुछ थोपने की कोशिश करना नहीं है.
बुजुर्ग लुंगी पहनकर आपत्तिजनक हालत में बैठते हैं
हालांकि, इस बीच एक बुजुर्ग की तस्वीर सामने आई है. बताया जा रहा है कि 10 जून को नोटिस जारी करने के पीछे की वजह ये तस्वीर ही है. इस तस्वीर में एक बुजुर्ग सोसायटी के पार्क में लुंगी पहनकर बैठे हुए थे.
तस्वीर में दिखाई पड़ रहा था कि बुजुर्ग की लुंगी उनके पैरों से भी काफी अलग-थलग थी. आरोप लगाया जा रहै कि पार्क में जिस जगह बुजुर्ग आपत्तिजनक हालत में बैठे थे, उसी जगह कुछ महिलाएं योग करती हैं.
महिलाओं ने कई बार की बुजुर्ग से शिकायत
इन महिलाओं को बुजुर्ग की हरकत आपत्तिजनक लगी. बुजुर्ग को इस अवस्था में महिलाओं ने एक नहीं कई बार नोटिस किया. कुछ महिलाओं ने बुजुर्ग से एक-दो बार बात भी की. मगर, कोई सुधार नहीं हुआ. इसी बात से परेशान कुछ महिलाओं ने RWA से शिकायत की. सोसायटी की ही रहने वाली एक महिला ने बुजुर्ग का फोटो अपने फ्लैट से खींच लिया. महिलाओं की शिकायत के साथ-साथ ये तस्वीर भी RWA को दी गई थी.
RWA के प्रेसिडेंट ने दी सफाई
आरडब्ल्यूए (RWA) के प्रेसिडेंट सीके कालरा कहते हैं कि हमने किसी एक व्यक्ति को नहीं टोका, न ही किसी एक व्यक्ति के पहनावे पर नोटिस जारी किया है. किसी एक को टारगेट करना हमें ठीक नहीं लगा. हमने एक जनरल नोटिस जारी कर दिया था. हालांकि, सोसाइटी के कई निवासी आरडब्लूए के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं. फिलहाल, आरडब्लूए इस पूरे मामले पर बैकफुट पर दिखाई पड़ रहा है.
मनीष चौरसिया