नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई मामले की जांच-पड़ताल के बाद की गई है. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी लोटस ग्रीन डेवलपर से जुड़े हैं. इस घटना को लेकर पहले से ही इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है. पीड़ित परिवार लगातार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि बंसल निवासी फरीदाबाद और सचिन करनवाल निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2, साहिबाबाद गाजियाबाद के रूप में हुई है. नोएडा पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी निर्माणाधीन साइट के संचालन और सुरक्षा से जुड़े थे, जहां यह हादसा हुआ.
यह भी पढ़ें: Noida Engineer Death: इंजीनियर की मौत, लापरवाही और अफसरों से पूछताछ... हादसे की परतें खोलने में जुटी SIT
पुलिस जांच में सामने आया है कि निर्माणाधीन प्लॉट में लंबे समय से पानी भरा हुआ था और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी. इसी लापरवाही के चलते इंजीनियर युवराज की प्लॉट में डूबने से मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि यदि साइट पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेत होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था.
इस मामले में नोएडा पुलिस पहले भी कार्रवाई कर चुकी है और मुख्य आरोपी बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस लगातार इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जिम्मेदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. इसी क्रम में अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है.
नोएडा पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. इस मामले की जांच पूरी होने के बाद जो भी लोग इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. निर्माणाधीन साइट से जुड़े दस्तावेजों, सुरक्षा मानकों और जिम्मेदारों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
भूपेन्द्र चौधरी