फेक सर्टिफिकेट पर टीचर बने तो खैर नहीं! इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त आदेश- नपेंगे अधिकारी, होगी सैलरी रिकवरी

उत्तर प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाने वालों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा चाबुक चलाया है. कोर्ट ने न केवल नियुक्तियां रद्द करने बल्कि अब तक ली गई सैलरी की रिकवरी के भी आदेश दिए हैं. अब पूरे प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की व्यापक जांच होगी.

Advertisement
इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट

पंकज श्रीवास्तव

  • प्रयागराज ,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में जाली सर्टिफिकेट के आधार पर असिस्टेंट टीचर बनने के बढ़ते मामलों पर कड़ा रुख अपनाया है. जस्टिस मंजू रानी चौहान की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार को पूरे प्रदेश में शिक्षकों के दस्तावेजों की व्यापक जांच करने का मैंडमस जारी किया. अदालत ने बेसिक शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को यह प्रक्रिया छह महीने में पूरी करने का निर्देश दिया है. 

Advertisement

यह आदेश देवरिया की गरिमा सिंह की याचिका पर आया, जिनकी नियुक्ति निवास और शैक्षिक दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर रद्द कर दी गई थी. कोर्ट ने अवैध शिक्षकों से सैलरी वसूलने और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का सख्त आदेश दिया है.

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद तल्ख टिप्पणी की. जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा कि जाली दस्तावेजों से नौकरी पाने का पैटर्न 'परेशान करने वाला' है. कोर्ट के मुताबिक, बार-बार निर्देश जारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ऐसी अवैध नियुक्तियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई करने में विफल रहे हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की यह निष्क्रियता न केवल धोखाधड़ी को बढ़ावा देती है, बल्कि शिक्षा प्रणाली की जड़ों पर भी प्रहार करती है, जिससे छात्रों के भविष्य को गंभीर नुकसान होता है.

15 साल की सेवा के बाद भी गिरी गाज

Advertisement

यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब गरिमा सिंह ने बीएसए देवरिया द्वारा अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी. याची का तर्क था कि वह जुलाई 2010 से लगभग 15 साल तक बिना किसी शिकायत के सेवा कर चुकी हैं. हालांकि, जांच में उनके दस्तावेज और निवास प्रमाण पत्र जाली पाए गए. कोर्ट ने उनकी याचिका पर सहानुभूति दिखाने के बजाय इसे एक बड़े भ्रष्टाचार का हिस्सा माना. अब सरकार को न केवल अवैध नियुक्तियां रद्द करनी होंगी, बल्कि ऐसे लोगों से सरकारी धन की रिकवरी भी करनी होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement