मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण के 9 वर्षों पर आधारित वार्षिक पुस्तक का विमोचन किया. उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं के परिश्रम को इस परिवर्तन का आधार बताया. सीएम ने विकास के लिए 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान करने की जानकारी दी. संबोधन के दौरान उन्होंने नवरात्रि और रमजान जैसे त्योहारों का जिक्र करते हुए प्रदेश में कायम शांति और जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की. इसके साथ ही उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री को 28 मार्च के लिए आमंत्रित करने की भी घोषणा की.
सुरक्षा का अहसास: न दंगा, न कर्फ्यू
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि आज प्रदेश में नवरात्रि और रमजान के त्योहार एक साथ शालीनता से मनाए जा रहे हैं. उन्होंने पुरानी सरकारों को याद दिलाते हुए कहा कि पहले दंगों का भय और कर्फ्यू रहता था, लेकिन आज कोई तनाव या अराजकता नहीं है. पिछली सरकारों ने पीएसी (PAC) की कंपनियों को समाप्त कर दिया था, जिसे वर्तमान सरकार ने न केवल 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया, बल्कि पहली बार तीन महिला बटालियन की भी स्थापना की है.
भ्रष्टाचार पर वार और एयर कनेक्टिविटी
सीएम योगी ने कहा कि 9 साल पहले नौजवानों के सामने पहचान का संकट था और भर्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे. आज विदेशों में भी यूपी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की चर्चा है. सिंगापुर और जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहां के उद्यमी यूपी में निवेश करना चाहते हैं. एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है. राज्य में 16 डोमेस्टिक और 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं, जबकि जेवर में देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार है.
अन्नदाता और नौजवानों का बदला भाग्य
संबोधन के अंत में सीएम ने कहा कि पहले सबसे उर्वर प्रदेश होने के बावजूद किसान आत्महत्या करता था और नौजवान हताश था. नौकरियों के निकलते ही 'महाभारत के सारे किरदार' वसूली के लिए निकल पड़ते थे. अब पारदर्शी व्यवस्था से विकास की नई गाथा लिखी जा रही है. उन्होंने वित्त मंत्री खन्ना जी द्वारा तैयार किए गए 9.12 लाख करोड़ के बजट को प्रदेश की समृद्धि का इंजन बताया और सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए अभिनंदन किया.
उत्तर प्रदेश आज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश बना
बकौल सीएम योगी- उत्तर प्रदेश आज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश भी बना है. इन्वेस्टमेंट के लिए प्रदेश में 2017 के पहले कोई इन्वेस्टर नहीं आता था, क्योंकि इन्वेस्टमेंट के लिए सुरक्षा चाहिए, पॉलिसी चाहिए. इन्वेस्टमेंट के लिए पॉलिसी के साथ-साथ लैंड बैंक चाहिए और लैंड बैंक के साथ-साथ सरकार की नियत भी चाहिए. याद करिए 2017 के पहले 1947 से लेकर के 2017 तक उत्तर प्रदेश के अंदर बामुश्किल से 14,000 से भी कम उद्योग थे और आज अब तक हमारे पास 31,000 तो बड़े उद्योग लग चुके हैं. 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं, यूपी के अंदर आज के दिन पर कार्यरत हैं. एमएसएमई यूनिट में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं और हमारे जो उत्तर प्रदेश के अंदर 31,000 से अधिक बड़े जो भी उद्योग लगे हैं, इन उद्योगों में भी 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं.
कुर्सी की फ़िक्र नहीं, नोएडा होकर आया
2017 के पहले,आज जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे, क्योंकि उनको लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी से उतर जाएंगे. जब मैं आया,मुख्यमंत्री बना, मुझे मुख्यमंत्री का दायित्व दिया गया, तो मैंने कहा भी नोएडा जाएंगे. लोगों ने कहा मुख्यमंत्री नोएडा जाता है तो हट जाता है. मैंने कहा भी कि कुर्सी बाद में जाए, आज जाए, अच्छा है आज ही चली जाए, लेकिन नोएडा जाएंगे. अगर प्रदेश का भला होगा तो हम नोएडा जाएंगे और नोएडा के विकास की जो वहां पर बैरियर हैं, इन बैरियर को हटाएंगे.
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