राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोपी आतंकी अब्दुल रहमान की फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल में हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है. आज सुबह अब्दुल का शव उसके पिता और परिजनों द्वारा अयोध्या लाया गया. भारी पुलिस बल की मौजूदगी थाना इनायतनगर क्षेत्र के मजनाई गांव में उसे सुपुर्द ए खाक किया गया.
आपको बता दें कि अब्दुल रहमान के शव के पहुंचने से पहले ही गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए गए थे. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. प्रशासन की निगरानी में कुछ घंटों बाद अब्दुल के शव को मजनाई गांव के कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया.
मालूम हो कि कि अब्दुल रहमान को मार्च 2025 में गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसियों का दावा था कि वह अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल था और उसकी निशानदेही पर विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई थी.
पिता अबुल बकर के मुताबिक, पिछले गुरुवार को बेटे से बात हुई थी. उसने कहा था जेल में किसी से कोई दुश्मनी नहीं है. सब अच्छे से रहते हैं. फिर इसके बाद ये घटना हो गई. जल्द ही उसकी जमानत होने वाली थी. फिलहाल, अधिकारियों ने जांच की बात कही है. हमें इंसाफ मिलना चाहिए. दोषी को सजा मिले. अब बेटा तो रहा नहीं.
वहीं, मृतक के मामा मोहम्मद इसरार ने कहा कि हाई सिक्योरिटी जेल में इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो. जबकि, पवन यादव (पूर्व प्रधान) ने कहा कि इस वारदात से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं. अब जेल में कोई सुरक्षित नहीं है.
फिलहाल, बीते दिन जेल के भीतर हुई अब्दुल रहमान की हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियां जांच में जुट गई हैं, वहीं, नीमका जिला जेल प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
मयंक शुक्ला