उत्तर प्रदेश में एलपीजी की कमी की अफवाहों के बीच महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति केपी सिंह ने एक अलग पहल की है. उन्होंने घोषणा की है कि वह अगले दो महीने तक अपने घर में एलपीजी का इस्तेमाल नहीं करेंगे और पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनवाएंगे.
शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पत्रकार सम्मान कार्यक्रम में बोलते हुए कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने घर में पारंपरिक चूल्हे का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि यह कदम लोगों को जागरूक करने के लिए उठाया गया है ताकि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर रोक लग सके.
दो महीने तक घर में एलपीजी इस्तेमाल नहीं करेंगे कुलपति
उन्होंने साफ कहा कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराकर गैस सिलेंडर जमा न करें और अनावश्यक स्टॉकिंग से बचें.
प्रो. सिंह ने कहा कि हर समय गैस पर ही खाना बनाना जरूरी नहीं है. जिन लोगों के पास विकल्प मौजूद हैं, वे कुछ समय के लिए चूल्हे या अन्य पारंपरिक तरीकों से भी खाना बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण लोग अनावश्यक रूप से चिंतित हो रहे हैं. यह सोच बनाना गलत है कि देश में गैस संकट आ गया है.
कुलपति ने यह भी भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय के छात्रावासों में गैस की पर्याप्त व्यवस्था है और किसी भी छात्र को भोजन की समस्या नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल की रसोई में पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध है और कोई भी छात्र भूखा नहीं रहेगा.
लोगों को शांत रहने और अफवाहों से बचने की सलाह
बता दें, हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में एलपीजी की कीमत बढ़ने या कमी होने की अफवाहों के कारण गैस एजेंसियों पर भीड़ देखी गई है. कई जगहों पर लोग लंबी कतारों में सिलेंडर लेने पहुंचे. हालांकि अधिकारियों ने बार बार स्पष्ट किया है कि गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
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