बंधे हाथ-पांव और शरीर पर पेट्रोल...महिला यूट्यूबर ने खुद रची थी किडनैपिंग की साजिश

मिर्जापुर में महिला यूट्यूबर के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में फर्जी निकला. पुलिस के अनुसार महिला ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की साजिश रची थी, ताकि पुलिस पर दबाव बनाया जा सके और धन उगाही की जा सके. सीसीटीवी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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महिला यूट्यूबर ने खुद रची थी अपने किडनैप की साजिश (Photo: itg) महिला यूट्यूबर ने खुद रची थी अपने किडनैप की साजिश (Photo: itg)

सुरेश कुमार सिंह

  • मिर्जापुर,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में महिला युट्यूबर पत्रकार के अपहरण का मामला फर्जी निकाला. मालूम हुआ कि महिला युट्यूबर ने पुलिस को फंसाने और पैसे ऐंठने के चक्कर में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की सजिश रची थी. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए महिला युट्यूबर सरिता सिंह और उनके साथियों को जेल भेज दिया.

सड़क किनारे मिली थी 'गुमशुदा' सरिता

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4 मई को परिजनों द्वारा सरिता सिंह की गुमशुदी की शिकायत की गयी थी. बाद में 6 मई को राजगढ़ थाना क्षेत्र में सरिता सिंह सड़क के किनारे ग्रामीणों को मिली.उनका पैर रस्सियों से बंधा गया था.सिर को कपड़े से बांधा गया था और कपड़ों पर पेट्रोल छिड़का गया था. पुलिस ने जांच किया तो पूरा मामला संदिग्ध लगा.जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी वीडियो हाथ लगा जिसमे सरिता सिंह अपने एक साथी की मोटरसाकिल पर बैठ कर जा रही है.रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म पर भी वह टहल रही है. जिसके बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो खुलासा हो गया कि यह पूरी सजिश पुलिस को फंसाने के लिए रची गयी थी.

'चार दिन तक किडनैप थी मैं'

एसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि 6 मई 2026 को सरिता सिंह पटेल पत्नी सुभाष सिंह पटेल निवासी दीक्षितपुर थाना चुनार ने थाना अदलहाट में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा. इस आधार पर थाना अदलहाट में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई.

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्राधिकारी चुनार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस साक्ष्यों की गहन जांच की. जांच में सामने आया कि कथित अपहरण की घटना पूरी तरह से सुनियोजित षड्यंत्र थी.

पुलिस से बदला लेने को चली चाल

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि सरिता पटेल अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पुलिस को झूठे मुकदमे में फंसाकर दबाव बनाने और धन उगाही की योजना बना रही थी. पुलिस के अनुसार सरिता पटेल एक इलेक्ट्रॉनिक यू-ट्यूबर है और कुछ मामलों में कार्रवाई को लेकर चुनार पुलिस से नाराज थी.

बंधे हाथ पांव और शरीर पर पेट्रोल

योजना के तहत सह-अभियुक्त परिचित अमरदीप ने सरिता पटेल को मोटरसाइकिल से राजगढ़ क्षेत्र तक पहुंचाया, जहां उसने पहचान छिपाने के लिए साड़ी पहनी और खुद ही अपने हाथ-पैर बंधवाए. घटना को गंभीर दिखाने के लिए मोटरसाइकिल से पेट्रोल निकालकर उसके शरीर पर छिड़कने की तैयारी भी की गई थी, ताकि पुलिस के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा सके.

पुलिस ने मामले में महिला युट्यूबर सरिता सिंह पटेल,सहयोगी अमरदीप, विजय कुमार सिंह,पति सुभाष, बहन अंकिता और सुनीता को गिरफ्तार किया है. सह-अभियुक्त अमरदीप की निशानदेही पर सरिता द्वारा पहचान छिपाने के लिए पहनी गई साड़ी भी बरामद की गई है. विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है.
 

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