Uttar Pradesh News: मिर्जापुर पुलिस ने जिम के जरिए संचालित हो रहे एक सुनियोजित धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा किया है. जीआरपी में तैनात सिपाही इरशाद खां और उसके शागिर्द फरीद अहमद ने 'आयरन फायर' और 'KGN 2.0' जिम की आड़ में 50 से अधिक लड़कियों को जाल में फंसाया.
ये आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए युवतियों से संपर्क बढ़ाते थे और बाद में प्रेम जाल या आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते थे. पुलिस ने मुख्य सरगना लकी अली के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है, जबकि सिपाही इरशाद और मुठभेड़ के बाद ट्रेनर फरीद को गिरफ्तार कर लिया गया है.
गिरोह में सन्नो नाम की महिला भी शामिल
जांच में सामने आया है कि सिपाही इरशाद खां महंगी गाड़ियों में चलता था और उसने अवैध उगाही के पैसों से जिम की चेन खड़ी की थी. इस गिरोह में सन्नो नाम की महिला भी शामिल थी, जो लड़कियों का भरोसा जीतकर उन्हें जाल में फंसाती थी. आरोपी लड़कियों को आपस में "बाँट" लेते थे; यदि एक जिम में शिकार नहीं फंसता, तो दूसरे जिम में उसे फंसाने की जिम्मेदारी तय की जाती थी. गिरफ्तार आरोपियों के फोन से सैकड़ों फोटो, वीडियो और चैट्स वाले डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं.
जिम सील और लग्जरी मशीनों की बरामदगी
प्रशासन ने KGN 2.0 जिम को सील कर दिया है, जहां से धर्मांतरण के पैसों से खरीदी गई महंगी मशीनें बरामद हुई हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां अक्सर देर रात तक महिलाओं की आवाजाही और पार्टियां होती थीं. मकान मालिक अजय दुबे ने भी स्वीकार किया कि उन्हें इन गतिविधियों की भनक नहीं थी. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के फाइनेंशियल ट्रेल और सरगना लकी अली की तलाश में जुटी है, जो फिलहाल फरार चल रहा है.
आशीष श्रीवास्तव