बिजनौर के मंदिर में 'चमत्कारी' कुत्ता! मूर्तियों की परिक्रमा के बाद एक जगह बैठा, पैर छूने उमड़ा जनसैलाब

बिजनौर के एक प्राचीन मंदिर में कुत्ते के अजीब व्यवहार ने सबको हैरान कर दिया है. हनुमान जी और दुर्गा मां की मूर्तियों की घंटों परिक्रमा करने के बाद अब कुत्ता एक स्थान पर स्थिर बैठ गया है. लोग इसे दैवीय संकेत मानकर कुत्ते के आगे माथा टेक रहे हैं और वहां मेले जैसा माहौल बन गया है.

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बिजनौर के मंदिर में डॉग को देखने उमड़े लोग (Photo- ITG) बिजनौर के मंदिर में डॉग को देखने उमड़े लोग (Photo- ITG)

ऋतिक राजपूत

  • बिजनौर ,
  • 16 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:22 PM IST

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक कुत्ता चर्चा के केंद्र में है. वजह है इसका तीन-चार दिनों से जारी रहस्यमयी व्यवहार. दरअसल, पहले तो यह घंटों तक हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करता रहा, फिर दुर्गा मां की मूर्ति की परिक्रमा करने लगा. लेकिन आज अचानक वह मंदिर में एक ही स्थान पर शांत होकर बैठ गया.

इस दृश्य को देख श्रद्धालु इसे 'दैवीय चमत्कार' मान रहे हैं और कुत्ते के पैरों में माथा टेक रहे हैं. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद दूर-दराज से लोगों की भारी भीड़ मंदिर पहुंच रही है. पूरा मामला नगीना तहसील के गांव नंदपुर स्थित प्राचीन मंदिर परिसर का है. 

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मूर्तियों की परिक्रमा और फिर 'समाधि' जैसा अंदाज

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुत्ते का यह व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा है. उसने पहले पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की मूर्तियों के चक्कर लगाए और फिर चुपचाप बैठ गया. श्रद्धालुओं के लिए यह किसी अजूबे से कम नहीं है. 

वहीं, मंदिर में उमड़ती भीड़ को देखकर अब वहां रौनक बढ़ गई है. लोग न सिर्फ दर्शन करने आ रहे हैं, बल्कि इस अनोखे दृश्य को अपनी आंखों में कैद करने और कुत्ते का आशीर्वाद लेने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं.

आस्था के बीच मंदिर परिसर बना मेला क्षेत्र

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर के बाहर छोटे व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं. यहां खिलौने, चाट-पकौड़ी और प्रसाद की दुकानें लग चुकी हैं, जिससे पूरा इलाका उत्सव के रंग में रंगा नजर आ रहा है. प्रशासन भी सुरक्षा की दृष्टि से इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है. हालांकि, समाज का एक वर्ग इसे कुत्ते की शारीरिक स्थिति से जोड़कर देख रहा है, लेकिन भक्तों के लिए यह पूरी तरह से आस्था का विषय बना हुआ है.

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विज्ञान और विश्वास के बीच उलझा रहस्य

जहां एक तरफ लोग इसे भक्ति का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे कुत्ते की स्वभाविक या चिकित्सकीय स्थिति बता रहे हैं. इसके बावजूद, मंदिर में लोगों का आना कम नहीं हो रहा है. कुत्ता अब इस इलाके में जिज्ञासा और श्रद्धा का बड़ा प्रतीक बन चुका है. 

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