घर में बेटी की लाश, बाहर 4 महीनों तक ताला... पिता की बेरहमी की कहानी सुन दहल उठे लोग

मेरठ के जिस घर से 34 वर्षीय प्रियंका का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था, उस मामले में मृतक के पिता ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस पूछताछ में मृतक के पिता ने बताया कि वह तीन-चार दिन तक बेटी के शव के साथ घर में ही रहे थे. जब उनसे पूछा गया कि बदबू क्यों नहीं आई, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने घर में परफ्यूम स्प्रे छिड़क दिया था.

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लोगों को अब घर के पास जाने में भी डर लगता है.(Photo: Usman Chaudhary/ITG) लोगों को अब घर के पास जाने में भी डर लगता है.(Photo: Usman Chaudhary/ITG)

उस्मान चौधरी

  • मेरठ,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:23 PM IST

मेरठ की एक शांत गली में कई महीनों से बंद पड़े एक मकान ने ऐसा राज छिपा रखा था, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया. यह कहानी है एक ऐसे पिता की, जिसने अपनी ही बेटी की मौत के बाद उसके शव को घर में छोड़ दिया और महीनों तक गायब रहा. जब सच सामने आया, तो पूरे इलाके में दहशत और सन्नाटा फैल गया. यह मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ का है, जहां शुक्रवार को सामने आई इस घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया.

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दरअसल, 34 वर्षीय प्रियंका अपने पिता उदय भान बिस्वास के साथ रहती थी. एक दिन अचानक दोनों घर से गायब हो गए और मकान पर ताला लग गया. समय बीतता गया, लेकिन घर का दरवाजा नहीं खुला. पड़ोसियों के लिए यह एक साधारण सी बात थी, क्योंकि उनका परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था. लोगों को बस इतना पता था कि बेटी बीमार रहती थी और पिता उसे इलाज के लिए रिक्शे से ले जाया करते थे.

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करीब चार महीने तक मकान बंद रहा. रिश्तेदारों ने भी दोनों को काफी तलाश किया. फोन करने पर पिता ने कहा कि वह देहरादून में हैं, फिर उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया. धीरे-धीरे चिंता बढ़ती गई और शक गहराने लगा.

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रिश्तेदारों को मिला सुराग और खुलने लगा राज

परिवार के भतीजे बिस्वजीत बिस्वास ने बताया कि चार महीने से मकान पर ताला लगा था और दोनों का कोई पता नहीं था. काफी खोजबीन के बाद शुक्रवार को खबर मिली कि उदय भान बेगम बाग की एक चाय की दुकान पर बैठे हैं. परिवार तुरंत वहां पहुंचा और उन्हें पकड़ लिया.

सबसे पहले प्रियंका के बारे में पूछा गया. पिता ने कहा कि वह देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती है. लेकिन जब उनसे सख्ती से पूछताछ हुई, तो उन्होंने जो बताया उसे सुनकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने कहा कि प्रियंका की मौत हो चुकी है और उसका शव घर के अंदर पड़ा है.

परिवार को इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ. उन्हें कभी घर से बदबू तक नहीं आई थी. फिर भी पुलिस को बुलाया गया और घर का ताला तोड़ा गया.

ताला खुलते ही सामने आया दिल दहला देने वाला दृश्य

जैसे ही घर का दरवाजा खुला, अंदर का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया. प्रियंका का शव सड़ी-गली हालत में कंकाल में बदल चुका था. घर के अंदर चारों तरफ रद्दी और कागज भरे हुए थे. यह देखकर परिवार और पुलिस दोनों स्तब्ध रह गए.

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पिता ने बताया कि वह तीन-चार दिन तक बेटी के शव के साथ घर में ही रहे थे. जब उनसे पूछा गया कि बदबू क्यों नहीं आई, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने घर में परफ्यूम स्प्रे छिड़क दिया था. यह सुनकर हर कोई हैरान रह गया.

भतीजे ने बताया कि प्रियंका लंबे समय से बीमार थी. पिता उसे तांत्रिक के पास पीलिया झड़वाने ले जाया करते थे. परिवार ने बताया कि 2013 में प्रियंका की मां की भी इसी तरह मौत हो गई थी, जिसके बाद पिता और बेटी दोनों डिप्रेशन में रहने लगे थे. प्रियंका का मानसिक इलाज भी चल रहा था और दोनों किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे.

जांच जारी, परिवार में डर और सदमा

इस घटना के बाद परिवार और पड़ोसी दहशत में हैं. रिश्तेदारों का कहना है कि अब इस घर के पास आने में भी डर लगता है. पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा है और लोग इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं.

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

एक बंद मकान में छिपा यह राज अब खुल चुका है, लेकिन इस कहानी ने कई सवाल छोड़ दिए हैं, जिनके जवाब अभी जांच के साथ सामने आने बाकी हैं.

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