4 महीने तक घर में छिपाकर रखा बेटी का शव, सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार न करने के आरोप में पिता गिरफ्तार

मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र में 72 वर्षीय पिता को बेटी का अंतिम संस्कार न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी ने दिसंबर 2025 में मृत हुई बेटी का शव चार महीने तक कमरे में बंद रखा और दुर्गंध छिपाने के लिए परफ्यूम छिड़कता रहा. सूचना पर पुलिस ने घर का ताला तोड़कर कंकाल बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

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दरवाजा खुला तो सामने था कंकाल.(File Photo: ITG) दरवाजा खुला तो सामने था कंकाल.(File Photo: ITG)

उस्मान चौधरी

  • मेरठ,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 72 वर्षीय पिता को अपनी बेटी के शव का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार आरोपी उदय भानु विश्वास ने अपनी 35 वर्षीय बेटी प्रियंका का शव घर के अंदर छिपाकर रखा और उसकी दुर्गंध छिपाने के लिए लगातार परफ्यूम छिड़कता रहा. घटना सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई.

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पुलिस ने बताया कि उदय भानु विश्वास पुत्र स्वर्गीय पशुपति नाथ निवासी सदर तेली मोहल्ला ने अपनी बेटी की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार नहीं किया. आरोप है कि उसने शव को घर के अंदर एक कमरे में बंद कर दिया और कमरे में कूड़ा-कचरा डाल दिया, जिससे आसपास के लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका पैदा हो गई थी.

यह भी पढ़ें: मेरठ में रिटायर्ड अफसर की करतूत: 4 महीने तक बेटी की लाश के साथ घर में रहा, बदबू छिपाने के लिए छिड़कता था परफ्यूम

इस मामले में सदर बाजार थाने में धारा 239/271/301 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के बाद आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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चार महीने तक घर में रखा रहा शव

पुलिस के मुताबिक, 10 अप्रैल को थाना सदर बाजार पुलिस को सूचना मिली थी कि उदय भानु विश्वास अपनी मृत बेटी का शव करीब चार महीने से घर में रखे हुए है. बताया गया कि बेटी की मौत दिसंबर 2025 में हुई थी, लेकिन उसका अंतिम संस्कार नहीं किया गया.

सूचना के अनुसार शव की दुर्गंध को छिपाने के लिए आरोपी लगातार कमरे में परफ्यूम डालता रहा और कमरे को बंद कर दिया. घटना के बाद वह अचानक घर से गायब भी हो गया था, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया.

इस दौरान आसपास के लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि घर के अंदर बेटी का शव रखा हुआ है. पुलिस को सूचना मिलने के बाद पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई.

रिश्तेदारों की सूचना से खुला मामला

पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल को उदय भानु के रिश्तेदारों ने उसे एक चाय की दुकान पर बैठे देखा. रिश्तेदारों ने उसे पकड़कर बेटी के बारे में पूछताछ की, तो उसने बताया कि बेटी की मौत हो चुकी है और उसका शव घर में रखा है.

शुरुआत में रिश्तेदारों को उसकी बात पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया.

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जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि शव पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था. इस खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और मामले की आगे जांच शुरू की.

मानसिक स्थिति की जांच के बाद गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि आरोपी उदय भानु को हिरासत में लेने के बाद उसकी मानसिक स्थिति की जांच कराई गई. उसे मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग में भर्ती कर काउंसिलिंग और परीक्षण कराया गया.

जांच में बताया गया कि उदय भानु की मानसिक स्थिति लगभग सामान्य पाई गई. इसके बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस अब इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है. घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग इस घटना को लेकर हैरानी जता रहे हैं.

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