मायावती ने बुलाई BSP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक, आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर होगा मंथन

मायावती ने मंगलवार को बीएसपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक बुलाई है. माना जा रहा है इस बैठक में उन्हें एक बार फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा सकता है. इस बैठक में बीएसपी सुप्रीमो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा करेंगी.

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती. (फाइल फोटो) बीएसपी सुप्रीमो मायावती. (फाइल फोटो)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 26 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 9:28 AM IST

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में मायावती जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ यूपी में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को रणनीति पर मंथन करेंगी.

मायावती ने मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में बीएसपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि बैठक में उन्होंने एक बार फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा सकता है. वह 18 सितंबर, 2003 से लगातार पार्टी  की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी जा रही हैं.

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आगामी विधानसभा चुनाव पर होगी चर्चा

बताया जा रहा है कि इस बैठक में मायावती जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के साथ-साथ यूपी में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में मंथन करेगी और चुनाव प्रचार की रणनीति पर भी चर्चा करेंगी.

बैठक के बाद शुरू होगी प्रचार अभियान!

जानकारी के अनुसार, बीएसपी की इस बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर सकते हैं.

मायावती ने कांग्रेस-सपा को घेरा

साथ ही बीएसपी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए लिखा कि सपा जिसने 2 जून 1995 में बीएसपी द्वारा समर्थन वापिसी पर मुझ पर जानलेवा हमला कराया था तो इस पर कांग्रेस कभी क्यों नहीं बोलती है? जबकि उस दौरान केन्द्र में रही कांग्रेसी सरकार ने भी समय से अपना दायित्व नहीं निभाया था. तभी फिर मान्य. श्री कांशीराम जी को अपनी बीमारी की गम्भीर हालत में भी हॉस्पिटल छोड़कर रात को इनके मा. गृह मन्त्री को भी हड़काना पड़ा था तथा विपक्ष ने भी संसद को घेरा, तब जाकर यह कांग्रेसी सरकार हरकत में आई थी, क्योंकि उस समय केन्द्र की कांग्रेसी सरकार की भी नीयत खराब हो चुकी थी जो कुछ भी अनहोनी के बाद यहां यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाकर, पर्दे के पीछे से अपनी सरकार चलाना चाहती थी, जिनका यह षड़यन्त्र बीएसपी ने फेल कर दिया था.

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उन्होंने आगे कहा कि उस समय सपा के आपराधिक तत्वों से बीजेपी सहित समूचे विपक्ष ने मानवता व इन्सानियत के नाते मुझे बचाने में जो अपना दायित्व निभाया है तो इसकी कांग्रेस को बीच-बीच मे तकलीफ क्यों होती रहती है, लोग सचेत रहें. इसके इलावा, बीएसपी वर्षों से जातीय जनगणना के लिए पहले केन्द्र में कांग्रेस पर और अब बीजेपी पर भी अपना पूरा दबाव बना रही है, जिसकी पार्टी वर्षों से इसकी पक्षधर रही है तथा अभी भी है. लेकिन जातीय जनगणना के बाद, क्या कांग्रेस SC, ST व OBC वर्गों का वाजिब हक दिला पायेगी? जो SC/ST आरक्षण में वर्गीकरण व क्रीमीलेयर को लेकर अभी भी चुप्पी साधे हुए है, जवाब दे.


 

'कांग्रेस-सपा से नहीं करेंगे गठबंधन'

इससे पहले रविवार को मायावती ने ऐलान किया था कि वह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से किसी भी चुनाव में गठबंधन नहीं करेंगे. मायावती ने कांग्रेस और सपा पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने कभी भी उन्हें जीते जी या मरणोपरांत भी भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया.

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