गाजियाबाद की कौशांबी पुलिस ने मथुरा के थाना सदर बाजार इलाके से मीरा ठाकुर उर्फ हरिया को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है. रिफाइनरी से टैंक चौराहे तक ई-रिक्शा चलाने वाली मीरा के मोबाइल से पुलिस को मथुरा के कई बेहद संवेदनशील इलाकों के फोटो मिले हैं.
इलाके के लोगों के अनुसार, मीरा की गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध रही हैं. पुलिस ने उसे देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के शक में पकड़ा है. फिलहाल उससे पूछताछ जारी है ताकि जासूसी नेटवर्क और उसके सीधे संबंधों की पूरी तरह पुष्टि की जा सके.
मैकेनिक से असलहा तस्कर तक का सफर
मीरा ठाकुर के भाई नरोत्तम के मुताबिक, परिवार को लगा था कि पति से विवाद के कारण पुलिस उसे ले गई है. मीरा की शादी 2012 में आगरा के मुकेश से हुई थी, जिसके बाद वे मथुरा रहने लगे. मीरा पहले मैकेनिक का काम करती थी, लेकिन 'बड़ा बनने' की चाहत ने उसे गलत रास्ते पर धकेल दिया.
साल 2025 में उसे दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के आरोप में जेल भेजा था. जेल से छूटने के बाद उसने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया. पुलिस जांच में पता चला है कि मीरा फेसबुक के जरिए नौशाद और सोहेल जैसे संदिग्धों के ग्रुप से जुड़ी थी.
जांच के घेरे में सोशल मीडिया नेटवर्क
पूछताछ के दौरान मीरा ने एसआईटी (SIT) को बताया कि उसकी जान-पहचान फेसबुक के माध्यम से नौशाद से हुई थी, जिसके बाद वह सोहेल और नौशाद के ग्रुप में शामिल हो गई. पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इन ग्रुप्स के जरिए उसने किन संवेदनशील जानकारियों को साझा किया है.
मीरा के मोबाइल डेटा और उसकी हालिया गतिविधियों को खंगाला जा रहा है. पकड़े जाने से पहले उसके मायके वाले 10 दिनों तक उसकी तलाश में थाने के चक्कर काटते रहे थे, लेकिन अब उस पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है.
मदन गोपाल शर्मा