मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के वृंदावन आगमन से पहले बांके बिहारी मंदिर परिसर 'अखाड़ा' बन गया. सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने मंदिर के सेवायत गोस्वामियों को बाहर कर दिया, जिसके बाद अधिकारियों और गोस्वामियों के बीच तीखी झड़प हुई.
दरअसल, वीआईपी दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की. इस दौरान पीढ़ी दर पीढ़ी सेवा करने वाले गोस्वामियों को भी बाहर जाने को कहा गया.
बताया जाता है कि इसी दौरान सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों और सेवायत-गोस्वामियों ने आपस में तीखी बहस हुई. शिवराज गोस्वामी ने अपने अपने साथ बदतमीजी की जाने का आरोप लगाया है और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया है.
एक वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा की बांके बिहारी मंदिर के सेवायत जानी व रजत गोस्वामी के बीच बहस हो रही है. इसके बाद गोस्वामियों को मंदिर परिसर से बाहर कर दिया गया.
सेवायत गोस्वामियों के साथ किए गए व्यवहार से गोस्वामी परिवारों में भारी आक्रोश व्याप्त है. सेवायत गोस्वामी परिवारों की महिलाओं और पुरुषों ने लामबंद होकर नारेबाजी का अपना विरोध किया.
सेवायत गोस्वामियों का कहना है कि वह मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें नहीं मिलने दिया. उनका कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन उन्हें मंदिर परिसर से बाहर कर दिया गया.
वहीं, पुलिस अधिकारियों से इस मामले में बात करने की कोशिश की गई तो कोई भी अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है.
मदन गोपाल शर्मा