जेब में जिंदा फनधारी सांप लेकर पहुंचा अस्पताल, फुफकार सुन भागे डॉक्टर! मरीज बोला- इसी ने काटा, जल्दी इलाज करो नहीं तो...

मथुरा में एक ई-रिक्शा चालक को सांप ने क्या काटा, वह उसे ही अपनी जेब में डालकर अस्पताल पहुंच गया. डॉक्टर ने सांप देखकर इलाज से पहले उसे बाहर छोड़ने की शर्त रखी, तो गुस्साए मरीज ने अस्पताल के बाहर ही जाम लगा दिया.

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जिस सांप ने काटा उसे अस्पताल लेकर पहुंचा शख्स (Photo- Screengrab) जिस सांप ने काटा उसे अस्पताल लेकर पहुंचा शख्स (Photo- Screengrab)

मदन गोपाल शर्मा

  • मथुरा ,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST

Uttar Pradesh News: मथुरा के ई-रिक्शा चालक दीपक को सोमवार को एक सांप ने काट लिया, जिसके बाद वह उस जीवित सांप को पकड़कर सीधे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंच गया. दीपक का मकसद डॉक्टरों को सांप दिखाकर सही इलाज सुनिश्चित करना था, लेकिन उसे गले में सांप लटकाए देख अस्पताल में दहशत फैल गई. डॉक्टरों द्वारा सुरक्षा कारणों से सांप को बाहर छोड़ने की शर्त रखने पर दीपक ने अस्पताल के पास सड़क पर ई-रिक्शा तिरछा खड़ा कर जाम लगा दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को समझाया, सांप को जंगल में छुड़वाया और फिर उसका इलाज शुरू हुआ.

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मरीज की जेब से निकला फुफकारता हुआ 'सबूत'

मथुरा के जिला अस्पताल में उस समय फिल्म जैसा नजारा बन गया जब दीपक नामक मरीज ने डॉक्टरों के सामने अपनी जेब से जीवित सांप निकाल दिया. ई-रिक्शा चालक दीपक को जब सांप ने काटा, तो उसने डरने के बजाय उसे पकड़कर अपनी जेब में रख लिया. 

वह इसे सबूत के तौर पर लाया था ताकि जहर की गंभीरता का पता चल सके. सांप को देखते ही डॉक्टर और वहां मौजूद अन्य मरीज अपनी कुर्सियां छोड़कर भागने लगे. अस्पताल के कर्मचारी इस अजीबोगरीब स्थिति को देखकर दंग रह गए.

इलाज की जिद और सड़क पर चक्का जाम

डॉक्टरों ने जब सुरक्षा का हवाला देते हुए सांप को अस्पताल से बाहर ले जाने को कहा, तो दीपक नाराज हो गया. उसे लगा कि उसके लाए गए 'सबूत' की अनदेखी की जा रही है. विरोध में उसने अस्पताल के मुख्य द्वार के पास ही अपना ई-रिक्शा खड़ा कर रास्ता रोक दिया. सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद दीपक को सांप जंगल में छोड़ने के लिए राजी किया.

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अस्पताल में दहशत और डॉक्टर की सफाई

जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, जीवित सांप के साथ इलाज करना संभव नहीं था क्योंकि इससे अन्य मरीजों की जान को खतरा हो सकता था. दीपक का तर्क था कि बिना सांप को देखे जहर की पहचान कैसे होगी. पुलिस की मध्यस्थता के बाद जब सांप को हटाया गया, तब कहीं जाकर डॉक्टरों ने राहत की सांस ली और युवक का उपचार शुरू किया. फिलहाल, दीपक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में है.

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