उत्तर प्रदेश के इटावा में अंधविश्वास और मानसिक तनाव के चलते एक रूहं कपा देने वाली घटना घटी है. बकेवर थाना क्षेत्र के एक युवक ने खुद को महाकाल का भक्त बताते हुए अपनी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर जान दे दी. युवक की मौके पर ही मौत हो गई.
खून से लथपथ मिला राजेश
इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी नगर निवासी 28 वर्षीय राजेश तिवारी ने 'महाकाल बलि मांग रहे हैं' का दावा करते हुए अपनी गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार किए. मंगलवार को हुई इस घटना में राजेश की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई. माता-पिता की मौत और पत्नी के छोड़कर चले जाने के कारण राजेश मानसिक संतुलन खो चुका था. नशे की लत और घरेलू विवादों से परेशान होकर उसने सीढ़ियों के पास इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया.
अंधविश्वास और नशे का घातक मेल
चाचा संतोष के मुताबिक, राजेश अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. दो साल पहले झारखंड की रानी से उसकी शादी हुई थी, लेकिन शराब और भांग की लत के कारण वह एक महीने बाद ही मायके चली गई. इसके बाद से राजेश अक्सर असामान्य व्यवहार करता था. वह बार-बार कहता था कि उसे माता के पास जाना है और 'महाकाल बलि मांग रहे हैं.' घर में मकान खाली करने को लेकर भी विवाद चल रहा था.
पुलिस ने बरामद की कुल्हाड़ी
घटना का खुलासा तब हुआ जब भतीजी सीढ़ियों पर झाड़ू लगाने पहुंची और राजेश को खून से लथपथ पाया. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली है. जांच अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव और अंधविश्वास से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
अमित तिवारी