आखिर एक हफ्ते में कैसे अवैध हो गया पंतनगर, क्या अकबर नगर पर बुलडोजर एक्शन से था कनेक्शन?

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अकबरनगर में बुल्डोजर एक्शन के बाद प्रशासन ने पंतनगर, रहीमनगर और अबरारनगर जैसे इलाके में 2000 मकान को चिन्हित किया था और उन्हें अवैध बताते हुए बुल्डोजर चलाने की बात कही थी. हालांकि, प्रशासन के सामने 1920 से लेकर 2004 तक के दस्तावेज पेश किए गए, जिसके बाद एक्शन पर रोक लगा दी गई है. पढ़ें स्थानीय पूर्व वरिष्ठ वकील ने पूरे मामले पर क्या कहा.

Advertisement
एक हफ्ते में कैसे अवैध हो गया पंतनगर? पढ़ें पूरी सच्चाई एक हफ्ते में कैसे अवैध हो गया पंतनगर? पढ़ें पूरी सच्चाई

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 17 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 11:04 PM IST

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पंतनगर, रहीमनगर और अबरारनगर में बुल्डोजर एक्शन पर रोक लगा दी गई है. पंतनगर के रहने वाले श्रम कानून सलाहकार और पूर्व वरिष्ठ वकील राकेश पांडे ने बताया कि प्रशासन के सामने कई दस्तावेज पेश किए गए. इस पूरे लीगल मामले पर नजर रखने वाले पूर्व वकील ने बताया कि 1920 से लेकर 1989 और 2004 तक का नक्शा पेश किया गया, जिसपर उच्च अधिकारियों के हस्ताक्षर भी हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अकबरनगर में बुल्डोजर एक्शन के बाद अधिकारी सीएम के सामने अपना नंबर बढ़ाने के लिए उत्साहित हो गए थे?

Advertisement

पूर्व वरिष्ठ वकील ने बताया कि 1960 का भी नक्शा प्रशासन के सामने रखा गया. उन्होंने बताया कि नक्शे में पीडब्ल्यूडी से लेकर तहसीलदार, समेत उस वक्त के तमाम उच्च अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं. राकेश पांडे ने बताया कि 1989 में एनडी तिवारी की सरकार थी और उन्होंने ही पंतनगर को बसाया था. यहां उन्होंने एक संस्कृत संग्रहालय का भी निर्माण कराया था, जहां वह अक्सर आते थे.

यह भी पढ़ें: लखनऊ के पंतनगर-खुर्रमनगर इलाके में नहीं चलेगा बुलडोजर, यूपी सरकार का फैसला

लखनऊ हाई कोर्ट ने जमीन को बताया था गैर-सरकारी

पूर्व वरिष्ठ वकील राकेश पांडे ने बताया कि साल 2000 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में यहां नगर निगम द्वारा पाइपलाइन डलवाई गई और अन्य सुविधा सिंचाई विभाग द्वारा दी गई. इसके बाद मेयर दिनेश शर्मा ने यहां सड़क बनवाई. इसका शिलापट्ट यहां लगा हुआ है. राकेश पांडे ने बताया कि एनडी तिवारी की सरकार में इस जगह का सर्वे हुआ था, जिसके बाद मामला कोर्ट भी गया था. तब लखनऊ में हाई कोर्ट की डबल बेंच ने माना था कि यह जमीन सरकारी नहीं है.

Advertisement

आखिर एक हफ्ते में कैसे अवैध हो गई जमीनें?

राकेश पांडे ने भारतीय सेना का पत्र दिखाते हुए कहा आर्मी ने भी यहां सर्वे कराया, जिसमें यह कहा कि यहां जो लोग रह रहे हैं उन्हें रहने दिया जाए और ये कि लोगों की निजी संपत्ति है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिस जगह पर पूर्व मुख्यमंत्री का आना-जाना लगा रहता हो, सभी विभागों द्वारा विकास कार्य कराए गए हों और उच्च अधिकारियों के मैप में हस्ताक्षर हों, तो वो जगह एक हफ्ते में अवैध कैसे हो गई?

यह भी पढ़ें: लखनऊ के पंतनगर के मकान अचानक कैसे हुए अवैध? दीवारों पर दिखे खौफ के लाल निशान, निवासियों ने CM योगी से लगाई गुहार

सिंचाई विभाग ने अपने आदेश में कुकरैल नदी से 50 मीटक की जद में आने वाले हर चीज को हटाने का आदेश दिया था. राकेश पांडे ने पूछा कि आखिर किसके कहने पर यह आदेश दिया गया? क्या अकबरनगर करवाई के बाद मुख्यमंत्री के सामने अपने नंबर बढ़ाने के लिए अधिकारी अतिउत्साहित हो गए?

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement