लखनऊ के आशियाना इलाके में दुखद घटना सामने आई है. यहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक व्यक्ति ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद परिवार सदमे में है. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. कमरे की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. पुलिस का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का लग रहा है.
मृतक की पहचान 36 वर्षीय देशदीप के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बाराबंकी जिले के जैतपुरा बरहेटा गांव का रहने वाला था. फिलहाल पत्नी के साथ आशियाना के रुचि खंड इलाके में किराए के मकान में रह रहा था.
परिजनों का कहना है कि देशदीप ने कुछ समय पहले एक डीसीएम गाड़ी फाइनेंस कराई थी और उसी को चलाकर परिवार का खर्च चलाता था. गाड़ी की मासिक किस्त करीब 35 हजार रुपये थी. पिछले कुछ महीनों से कामकाज में नुकसान होने के कारण वह किस्त जमा नहीं कर पा रहा था.
परिजनों ने कहा कि तीन महीने से बैंक की ईएमआई बकाया थी, जिसके चलते बैंक की ओर से लगातार फोन किए जा रहे थे. किस्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था और गाड़ी सीज करने की चेतावनी भी दी जा रही थी. इसी वजह से वह पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में थे.
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बुधवार देर रात परिवार ने खाना खाया और उसके बाद सभी अपने-अपने कमरे में सोने चले गए. इसी दौरान उनकी पत्नी कामिनी बाथरूम गई थीं. जब वापस लौटीं तो दूसरे कमरे में देशदीप को दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका देख चीख पड़ीं. शोर सुनकर मकान मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. सभी ने मिलकर तुरंत नीचे उतारा और लोकबंधु अस्पताल ले गए. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद देशदीप को मृत घोषित कर दिया.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अस्पताल पहुंची और परिवार से पूछताछ शुरू की. मृतक के भाई हरिकेश ने पुलिस को बताया कि देशदीप पिछले कुछ समय से कर्ज और किस्तों के बोझ से परेशान था. उनका कहना है कि आर्थिक नुकसान के चलते वह मानसिक रूप से टूट चुका था, यही तनाव मौत की वजह बना.
पुलिस ने कहा कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. परिवार के मुताबिक, देशदीप अपने काम और किस्तों को लेकर लगातार चिंतित रहता था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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आशीष श्रीवास्तव