लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में छत पर चढ़कर कूदने की धमकी देने वाली महिला के मामले में अब नया और गंभीर मोड़ सामने आया है. गोंडा की रहने वाली इस महिला ने कई चौंकाने वाले आरोप लगाते हुए पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
महिला का आरोप है कि उसे शादी का झांसा देकर अगवा किया गया और इसके बाद कई लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. उसने यह भी कहा कि आरोपियों ने जबरन उसका धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई और लंबे समय तक उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया.
पीड़िता के अनुसार, उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया, जिसके बाद वह एक बच्चे की मां बन गई. महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसके बच्चे की कोई जिम्मेदारी नहीं ली और उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा.
हाईकोर्ट छत कांड में सामने आए गंभीर आरोप
महिला ने ग्राम प्रधान सहित कई लोगों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आरोपियों को संरक्षण दिया और उसे जान से मारने की धमकियां दीं. पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए भटक रही है, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
महिला ने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया. उसने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके बच्चे को छत से फेंकने की धमकी दी गई और उसे हवा में लटकाया गया.
पीड़िता के अनुसार, मौके पर मौजूद वकीलों ने हस्तक्षेप कर बच्चे को बचाया, जबकि वह खुद इस घटना के बाद बेहोश हो गई. बाद में रजिस्ट्रार सिक्योरिटी की टीम ने महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
पीड़िता ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की उठाई मांग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिला ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है.
आशीष श्रीवास्तव