बचपन में पिता का निधन, कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी, फर्स्ट अटेम्प्ट में UPPSC क्लियर... जानिए अलंकार अग्निहोत्री की लाइफ स्टोरी

पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का सफर संघर्षपूर्ण रहा है. पिता के निधन के बाद उन्होंने 10 साल आईटी सेक्टर में नौकरी कर भाई-बहनों को संभाला. पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद, उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर बने.

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अलंकार अग्निहोत्री (Photo- ITG) अलंकार अग्निहोत्री (Photo- ITG)

सिमर चावला

  • बरेली ,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST

बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के करियर की पृष्ठभूमि में पारिवारिक जिम्मेदारियां भी रहीं. कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों का दायित्व उन पर आ गया. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने छोटे भाई-बहनों की आवश्यकताओं को देखते हुए निजी क्षेत्र में नौकरी की. अलंकार अपने परिवार में सबसे बड़े पुत्र हैं और उनके चार भाई तथा एक बहन हैं.

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आपको बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री की जीवन यात्रा चुनौतियों से होकर गुजरी है. बहुत कम उम्र में पिता का निधन हो जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गई थीं. कठिन हालातों के बीच उन्होंने न सिर्फ पढ़ाई जारी रखी, बल्कि अपने छोटे भाई-बहनों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निजी क्षेत्र में नौकरी भी की.

परिवार को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से अलंकार अग्निहोत्री ने आईटी सेक्टर में कंसल्टेंसी की नौकरी की और करीब एक दशक तक वहां काम किया. जब परिवार की स्थिति स्थिर हो गई और भाई-बहन आत्मनिर्भर हो गए, तब उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी का फैसला लिया. इसके बाद उन्होंने प्राइवेट जॉब छोड़कर यूपीपीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर डिप्टी कलेक्टर बने.

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वर्ष 1998 की यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में अलंकार अग्निहोत्री ने प्रदेश स्तर पर 21वां स्थान प्राप्त किया. इसके बाद उन्होंने आईआईटी-बीएचयू से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की. सिविल सेवा में जाने की इच्छा पहले से थी, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने पहले नौकरी को प्राथमिकता दी.

वर्ष 2014 में परिस्थितियां अनुकूल होने पर उन्होंने पूरी तरह से पीसीएस की तैयारी में जुटने का निर्णय लिया. इस दौरान आर्थिक जोखिम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक वर्ष की सैलरी पहले ही बचा ली थी, ताकि तैयारी के समय परिवार पर कोई दबाव न पड़े. यूपी पीसीएस परीक्षा में उन्होंने 15वीं रैंक प्राप्त की और पहले ही प्रयास में सफलता दर्ज की.

मूल रूप से कानपुर के रहने वाले अलंकार अग्निहोत्री बरेली से पहले लखनऊ, उन्नाव और बलरामपुर में एसडीएम पद पर कार्य कर चुके हैं. प्रशासनिक हलकों में वे स्पष्ट निर्णय लेने और अनुशासित कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं.

अलंकार के परिवार के घर कानपुर में जब कुछ पत्रकार बातचीत करने पहुंचे तो परिवार ने कुछ भी कहने से मना कर दिया. वहीं पड़ोसियों ने बताया कि अलंकार शुरुआत से मेहनती और अपने में रहने वाले व्यक्ति रहे हैं. परिवार का किसी तरीके का कोई राजनीतिक कनेक्शन या झुकाव नहीं रहा है. 

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