उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक लेखपाल ने ट्रेन के आगे लेटकर आत्महत्या कर ली. इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वह रेलवे ट्रैक के पास ट्रेन का इंतजार करता हुआ दिखाई देता है और जैसे ही ट्रेन नजदीक आती है, वह अचानक पटरी पर लेट जाता है.
घटना थाना सदर बाजार क्षेत्र के लालपुर के पास स्थित इंद्रानगर रेलवे क्रॉसिंग की है. बताया जा रहा है कि रेलवे फाटक बंद होने के दौरान कई लोग क्रॉसिंग के दोनों तरफ खड़े होकर ट्रेन के गुजरने का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान अमरदीप सक्सेना नाम का व्यक्ति, जो लेखपाल के पद पर था, फाटक के आगे रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गया.
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि अमरदीप ट्रैक के पास खड़ा होकर ट्रेन के आने का इंतजार करता है. जैसे ही ट्रेन करीब पहुंचती है, वह अचानक पटरी पर लेट जाता है. वहां मौजूद लोगों को जब तक कुछ समझ आता और वे उसे रोकने की कोशिश करते, तब तक ट्रेन आ चुकी थी और वह उसकी चपेट में आ गया.
यह भी पढ़ें: '...तुम खुश रहो, मुझमें जिंदा रहने की ताकत नहीं', 32 मिनट का वीडियो बनाकर युवक ने किया सुसाइड
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन की टक्कर से शरीर के टुकड़े हो गए और धड़ करीब 25 मीटर दूर जाकर गिरा. इस दर्दनाक घटना को देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए.
मृतक अमरदीप सक्सेना तिलहर तहसील के गढ़िया रंगीन ब्लॉक में लेखपाल के पद पर था. वह शहर के बिजलीपुरा मोहल्ले में रहता था. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है. पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में लेखपाल ने इतना बड़ा कदम उठाया. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है. मृतक के परिजनों व परिचितों से पूछताछ की जा रही है. जांच के बाद ही इस आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ पाएगी.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)
विनय पांडेय